Vaishali DM Varsha Singh: वैशाली के लालगंज प्रखंड में गंडक नदी का जलस्तर बढ़ने के बीच रिंग बांध में रिसाव और कटाव की सूचना ने जिला प्रशासन की चिंता बढ़ा दी. यूसुफपुर पंचायत के पीरापुर स्थित वार्ड-5 में रिंग बांध के कई स्थानों पर रिसाव की जानकारी मिलते ही जिलाधिकारी वर्षा सिंह खुद मौके पर पहुंच गईं. इसके बाद उन्होंने पूरी रात मौके पर रहकर अपनी निगरानी में बांध की मरम्मत और सुदृढ़ीकरण का काम कराया. इस दौरान उनका एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें वह रात के समय मौके पर बैठकर अधिकारियों और कर्मचारियों से काम की जानकारी लेती नजर आ रही हैं.


बुधवार रात रिसाव की सूचना मिलने के बाद डीएम वर्षा सिंह तत्काल पीरापुर पहुंचीं. उन्होंने मौके पर पहुंचकर बांध की स्थिति का जायजा लिया और अधिकारियों को तत्काल सुरक्षात्मक कार्य शुरू करने का निर्देश दिया. इसके बाद रिसाव और कटाव को नियंत्रित करने के लिए युद्धस्तर पर काम शुरू किया गया.


डीएम पूरी रात मौके पर मौजूद रहीं और लगातार मरम्मत कार्य की निगरानी करती रहीं. प्राथमिकता के आधार पर काम कराते हुए करीब सुबह 4 बजे तक आवश्यक सुरक्षात्मक कार्य पूरा कराया गया. इसके बाद प्रभावित हिस्सों को नियंत्रित और सुरक्षित किया जा सका.


गंडक नदी के जलस्तर में लगातार संभावित वृद्धि और बांध पर दबाव को देखते हुए प्रशासन की ओर से क्षेत्र में निगरानी जारी रखी जा रही है. अधिकारियों को नदी के जलस्तर और रिंग बांध की स्थिति पर लगातार नजर रखने का निर्देश दिया गया है.


कौन हैं वर्षा सिंह

वर्षा सिंह वर्ष 2016 बैच की आईएएस अधिकारी हैं और बिहार कैडर में तैनात हैं. वह मूल रूप से बिहार के खगड़िया जिले की रहने वाली हैं. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा महाराष्ट्र के नागपुर से पूरी की. आईएएस बनने के बाद उन्होंने बिहार कैडर को चुना.


आईएएस प्रशिक्षण के दौरान वर्षा सिंह की पहली तैनाती गोपालगंज में सदर एसडीएम के पद पर हुई थी. इसके बाद उन्होंने अरवल जिले की जिलाधिकारी के रूप में भी जिम्मेदारी संभाली. वैशाली की जिलाधिकारी बनाए जाने से पहले वह नगर विकास एवं आवास विभाग में अपर सचिव के पद पर कार्यरत थीं.


वैशाली में जिलाधिकारी की जिम्मेदारी संभालने के बाद वर्षा सिंह प्रशासनिक कामकाज के साथ-साथ जमीनी स्तर पर निगरानी को लेकर भी सक्रिय नजर आई हैं. लालगंज में रिंग बांध में रिसाव की सूचना मिलने के बाद उनका पूरी रात मौके पर मौजूद रहना इसी का एक उदाहरण है.


गंडक के बढ़ते जलस्तर के बीच जब बांध की सुरक्षा को लेकर प्रशासन की चुनौती बढ़ी, तो डीएम ने खुद मौके पर रहकर अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ काम की निगरानी की. सुबह तक सुरक्षात्मक कार्य पूरा होने के बाद प्रभावित हिस्से को सुरक्षित किया गया.


डीएम वर्षा सिंह के रातभर मौके पर मौजूद रहने और बांध की मरम्मत की निगरानी करने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. वीडियो में वह मौके पर बैठकर मरम्मत कार्य की स्थिति की जानकारी लेती नजर आ रही हैं.