VAISHALI: वैशाली जिले के बिदुपुर के अमेर पंचायत में हो रहे सड़क निर्माण को लेकर ग्रामीणों ने विरोध जताया है। ग्रामीणों ने सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाए हैं। ग्रामीण सत्य प्रकाश ने आरोप लगाया कि सड़क की चौड़ाई कहीं 8 फिट तो कहीं 7 फिट रखी गई है, जबकि कई जगह इससे भी कम है। उन्होंने बताया कि कल ही बनी सड़क आज फटने लगी है।
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क के बीचों-बीच बिजली के पोल आ गए हैं। पोल को हटाए बिना ही उसके चारों ओर सड़क ढाल दी गई, जिससे पोल सड़क के ठीक बीच में आ गया है। ऐसे अब तक तीन पोल देखे गए हैं। आरोप है कि सड़क ढालने से पहले पुरानी सड़क को उखाड़ना आवश्यक था, लेकिन नई सड़क सीधे पुरानी सड़क के ऊपर ही ढाल दी गई। कई स्थानों पर केवल मिट्टी पर ही ढलाई कर दी गई है।
ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि यह काम किस योजना के तहत और किसके द्वारा कराया जा रहा है, इसकी जानकारी उन्हें नहीं है। स्थल पर स्टीमेट बोर्ड भी नहीं लगाया गया है। यह काम करीब डेढ़ महीने से चल रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क को छोड़कर ढालने की बात कही गई थी, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। उन्होंने मांग की है कि सड़क सही गुणवत्ता के साथ साफ-सुथरे ढंग से बनाई जाए।
सड़क निर्माण के अधिकारी मधुकर सिंह ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि सड़क की गुणवत्ता टॉप क्लास है और उनकी कंपनी बढ़िया काम करने के लिए ही जानी जाती है। बढ़िया काम करना ही उनकी जवाबदेही है। बीच में आए बिजली के पोल के संबंध में उन्होंने बताया कि दिवाली के कारण बिजली विभाग ने बिजली का शटडाउन नहीं किया है, इसलिए पोल को नहीं हटाया जा सका। दिवाली के बाद बिजली पोल को साइड में कर दिया जाएगा।
उन्होंने जानकारी दी कि यह कार्य आरसीडी पथ योजना के तहत तेरसिया से बीदुपुर तक हो रहा है। 16 किलोमीटर लंबी इस सड़क का स्टीमेट 42 करोड़ रुपये की लागत का है।
वैशाली से मुन्ना खान की रिपोर्ट