Raghopur Boat Accident: बिहार के वैशाली जिले के राघोपुर में नाव हादसे ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इस हादसे में 13 लोगों की मौतें हुई है, जिनकी जान गई है उनमें ज्यादातर बच्चे शामिल थे। हादसे के बाद बुधवार को पाटलिपुत्र की सांसद मीसा भारती मृतकों के परिजनों से मिलने के लिए राघोपुर पहुंची। उनसे मिलकर पूरी घटना की जानकारी ली।


 ग्रामीणों ने इस दौरान व्यवस्था को लेकर खूब शिकायत की। कहा कि जब यह घटना हुई तब जिस एम्बुलेंस से बच्चों को अस्पताल ले जाया गया उसमें ऑक्सीजन तक नहीं था, वही हॉस्पिटल में भी ऑक्सीजन और दवा की कमी देखी गई। घटनास्थल पर पुलिस और मेडिकल टीम लेट से आई। ग्रामीणों की बातें सुनते ही गुस्से में खूब बोलीं मीसा भारती, कहा कि बिहार में तो अंधेर नगरी चौपट राजा है, जिसे बिहार की जनता ने चुना, जिसको मुख्यमंत्री बनाया उसी की पीठ में खंजर घोंपकर अभी मुख्यमंत्री कोई और बना हुआ है। जिसका दिनभर एक ही काम है वो यह कि जाति सूचक शब्दों का उपयोग करना।


उन्होंने कहा कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में जब बच्चों को ले जाया गया तब वहां पर सिर्फ एक डॉक्टर थे और उनके पास ऑक्सीजन की भी सुविधा नहीं थी।  इस घटना से पल्ला झाड़ने की कोशिश सरकार कर रही है। डीएम साहिबा को यह पता होना चाहिए कि गंगा किनारे दियारा का क्षेत्र है, अभी बाढ़ आया हुआ था, तो उनको सरकारी नाव का प्रबंध कराना चाहिए था। जो नाव चला रहे थे उसी के ऊपर केस करने की बात डीएम साहिबा कर रही है। जबकि सबसे पहले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर एक्शन लेना चाहिए था। जितने एम्बुलेंस आए थे उसमें ऑक्सीजन ही नहीं था। 


मीसा भारती ने आगे कहा कि बिहार को अभी तक बाढ़ घोषित नहीं किया गया। देशभर के बड़े-बड़े उद्योगपतियों ने बिहार की मदद नहीं की। ये सभी आसाम को मदद करने का काम किया। पीएम केयर फंड में लाखों करोड़ों रुपये रखे पड़े हैं लेकिन मोदी जी को बिहार की जरा भी चिंता नहीं है। देश में जो लोग अपने हक के लिए आवाज उठाते हैं, उनके ऊपर लाठियां बरसाई जाती है।


मीसा ने कहा कि बिना मुख्यमंत्री रहते हुए पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी ने 5 लाख सरकारी नौकरी दी, सोचिये यदि वो मुख्यमंत्री बन जाता और वोट चोरी नहीं होता तो कितनी नौकरियां तेजस्वी के हाथों दी जाती और कितनी फैक्ट्रियां लगा दी जाती। लालू प्रसाद यादव जब रेल मंत्री थे तब बिहार को तीन फैक्ट्रियां देने का काम किये थे। जबकि इस प्रदेश का मुख्यमंत्री खुद अंगूठा छाप है। सीएम बन जाने के बाद कम से कम अपने इर्द गिर्द में जो आईएएस रहते हैं उनसे ही पूछ कर काम करना चाहिए था। 


नाव हादसे पर मीसा भारती ने कहा कि नाव का निचला हिस्सा फटा हुआ था, नाव की स्थिति जर्जर थी, जिसके कारण पानी भरने से यह घटना हुई। जिला प्रशासन की यह लापरवाही थी। बच्चों को तैरने नहीं आया और उनकी मौत हो गयी। डीएम का कहना है कि नाव प्राइवेट था, इस पर मीसा भारती ने कहा कि बिहार में बाढ़ आया हुआ था, लेकिन बिहार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बाढ़ घोषित ही नहीं किया।


 वही बिहार को मदद ना करके अडाणी और अंबानी ने आसाम को मदद किया।  बिहार के रहने वाले मेदांता ग्रुप के अनिल अग्रवाल ने भी आसाम को जाकर मदद किया लेकिन बिहार को ही भूल गये। केंद्र सरकार की ओर से भी कोई मदद नहीं की गई। जबकि 2025 के विधानसभा चुनाव में केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भाषण देते हुए कहा था कि एक बार मौका दीजिए हम बिहार को बाढ़ मुक्त कर देंगे। आप नाव तो दे नहीं सकते, बाढ़ मुक्त कैसे करियेगा? ऐसा था तब क्यों नहीं बिहार को बाढ़ मुक्त कर दिये। 


मीसा ने कहा कि नदी के किनारे जो भी दियारा के लोग हैं चाहे वो राघोपुर के हो या दानापुर या फिर मनेर का दियारा हो, हमारे यहां छह-छह पंचायत है। जो गंगा के किनारे रहते हैं यदि वो नाव नहीं रखेंगे तब कैसे उनका रोजमर्रा चलेगा। राघोपुर में जिला प्रशासन को नाव मुहैया कराना चाहिए था, जो कि नहीं किया गया।  


इस दौरान मीडिया ने पूछा कि बीजेपी के नेता हैं बंटी जी वो कह रहे हैं कि सरकारी नाव है। इतना सुनते ही मीसा भारती ने मीडिया कर्मी से पूछा कि कहां के हैं बंटी जी..सुनिये ना अंटी बंटी लफरा तफरा सब बहुत लोग आएगा पहले बंटी जी को जांच कर लीजिए की कौन है बंटी जी..मीसा भारती ने कहा कि भगवान ना करे कि दुश्मन के घर भी बच्चों के साथ इस तरह का हादसा हो। यह बेहद ही दुखद घटना है। 

राघोपुर से लिंगम की रिपोर्ट