Raghopur boat accident: बिहार के वैशाली जिले के राघोपुर में गंगा नदी की सोती में हुए दर्दनाक नाव हादसे में 13 बच्चों की मौत के बाद प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। मामले में नाविक और नाव मालिक के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने का आदेश दिया गया है। प्रशासन अब हादसे के कारणों, सुरक्षा मानकों की अनदेखी और संभावित लापरवाही की जांच के जरिए जिम्मेदारी तय करने में जुटा है।




जिलाधिकारी वर्षा सिंह की ओर से गठित जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। रिपोर्ट के आधार पर राघोपुर के प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) ने संबंधित थानाध्यक्ष को आवेदन देकर प्राथमिकी दर्ज करने और मामले की विस्तृत जांच करने का अनुरोध किया है।




यह हादसा 13 अक्टूबर 2026 की रात करीब आठ बजे राघोपुर थाना क्षेत्र के रामपुर श्यामचंद गांव स्थित भगतान टोला के पास हुआ था। महरानी स्थान पुल के उत्तर गंगा नदी की सोती में एक नाव दुर्घटनाग्रस्त होकर डूब गई थी। इस हादसे में 13 बच्चों की मौत हो गई थी, जबकि छह लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। घटना के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल छा गया था।




हादसे की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी वर्षा सिंह ने जांच समिति गठित की थी। अब समिति की रिपोर्ट मिलने के बाद प्रशासन ने मामले में जिम्मेदारी तय करने की दिशा में कार्रवाई शुरू कर दी है। प्रखंड विकास पदाधिकारी की ओर से थाने को दिए गए आवेदन में नाविक और नाव मालिक की भूमिका की गहन जांच करने का अनुरोध किया गया है। पुलिस कई अहम बिंदुओं पर जांच करेगी। इनमें नाव का निबंधन, निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन और नाव पर यात्रियों की संख्या शामिल है।




जांच के दौरान यह भी पता लगाया जाएगा कि नाव पर उसकी निर्धारित क्षमता से अधिक यात्रियों को तो नहीं बैठाया गया था। इसके अलावा, लाइफ जैकेट और अन्य जरूरी जीवन रक्षक उपकरण उपलब्ध थे या नहीं, इसकी भी पड़ताल की जाएगी। यदि जांच में लापरवाही या नियमों के उल्लंघन के साक्ष्य मिलते हैं, तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जा सकती है।




इस मामले में एक अहम सवाल सूर्यास्त के बाद नाव के परिचालन को लेकर है। प्रशासन यह जांच करेगा कि रात करीब आठ बजे नाव क्यों चलाई जा रही थी और क्या इस दौरान किसी लागू प्रतिबंध का उल्लंघन किया गया था। आवेदन में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 163 के तहत लागू निषेधाज्ञा के संभावित उल्लंघन की जांच करने का भी अनुरोध किया गया है। पुलिस संबंधित आदेशों, सुरक्षा नियमों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पूरे मामले की पड़ताल करेगी।




जिला प्रशासन के अनुसार, पुलिस अनुसंधान के दौरान सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर जिम्मेदार व्यक्तियों की भूमिका निर्धारित की जाएगी। इसके बाद कानून के मुताबिक आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस हादसे के बाद राघोपुर के दियारा क्षेत्र में नावों के परिचालन और सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी बढ़ाए जाने की जरूरत भी सामने आई है। हालांकि, अवैध नावों के खिलाफ किसी नए अभियान या अतिरिक्त कार्रवाई को लेकर फिलहाल अलग से आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।



फिलहाल, 13 बच्चों की मौत के इस दर्दनाक मामले में प्राथमिकी दर्ज करने और जांच की प्रक्रिया आगे बढ़ने के साथ ही अब सभी की नजर पुलिस की जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ होने वाली कार्रवाई पर टिकी है।