VAISHALI: बिहार के वैशाली जिले के महनार थाना क्षेत्र में हुई भीषण डकैती की घटना के बाद पुलिस महकमे में बड़ी हलचल शुरू हो गई है। वैशाली पुलिस अधीक्षक (SP) विक्रम सिहाग ने इस मामले में कर्तव्य निर्वहन में लापरवाही बरतने और सूचना के आदान-प्रदान में घोर शिथिलता दिखाने के आरोप में दो पुलिस अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।


क्या है पूरा मामला?

 मिली जानकारी के अनुसार, 20 और 21 अप्रैल 2026 की मध्य रात्रि महनार थाना क्षेत्र के एक आभूषण व्यवसायी के घर डकैतों ने धावा बोला था। घटना के तुरंत बाद हड़कंप मच गया, लेकिन पुलिस की ओर से त्वरित कार्रवाई में देरी देखी गई। एसपी द्वारा कराई गई प्राथमिक जांच में यह स्पष्ट हुआ कि घटना की रात 'डायल 112' पर तैनात पदाधिकारी एएसआई (ASI) शुकलेश कुमार मौके पर तो पहुंचे थे, लेकिन उन्होंने इतनी बड़ी वारदात की जानकारी अपने किसी भी वरीय पदाधिकारी को समय पर नहीं दी।


अपर थानाध्यक्ष पर भी गिरी गाज

जांच में यह भी पाया गया कि महनार के अपर थानाध्यक्ष, पु०अ०नि० उदय कुमार सिंह को भी इस घटना की जानकारी मिल गई थी। इसके बावजूद उन्होंने न तो आवश्यक सतर्कता बरती और न ही त्वरित कार्रवाई शुरू की। उन्होंने भी अपने स्तर से वरीय अधिकारियों को मामले से अवगत कराने में देरी की। एसपी विक्रम सिहाग ने इसे अत्यंत गंभीर अनुशासनहीनता और कार्य के प्रति लापरवाही मानते हुए दोनों अधिकारियों—ASI शुकलेश कुमार और अपर थानाध्यक्ष उदय कुमार सिंह—को सस्पेंड करने का आदेश जारी कर दिया है।


अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए SIT का गठन

एसपी ने स्पष्ट किया है कि पुलिस की कार्रवाई में देरी इन्हीं अधिकारियों की लापरवाही की वजह से हुई। फिलहाल, डकैती कांड के उद्भेदन और फरार अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए महनार अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है। पुलिस की टीमें विभिन्न संदिग्ध ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही हैं। एसपी ने दावा किया है कि जल्द ही अपराधियों को सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा।