Bihar Flood News: बिहार के सुपौल जिले में कोसी नदी के कटाव को लेकर सामने आई खबर के बाद जल संसाधन विभाग ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बड़ा बयान जारी किया है. विभाग ने कहा है कि बेला गोठ गांव में कटाव जरूर हो रहा है, लेकिन 35 परिवारों के बेघर होने और सैकड़ों घरों पर तत्काल संकट जैसी खबर सही नही है. प्रशासन की ओर से प्रभावित इलाके में बाढ़ संघर्षात्मक कार्य तेजी से शुरू कर दिया गया है.
दरअसल, हाल के दिनों में यह खबर सामने आई थी कि किशनपुर प्रखंड की दुबियाही पंचायत स्थित बेला गोठ गांव में कोसी नदी के लगातार कटाव के कारण करीब 30 से 35 परिवार अपने घर छोड़ने को मजबूर हो गए हैं और दर्जनों अन्य परिवारों के मकानों पर खतरा मंडरा रहा है. इस खबर के बाद स्थानीय लोगों में चिंता बढ़ गई थी.
विभाग की सफाई, कहा- हालात पर नजर, कटाव रोकने का काम शुरू
इस खबर के सामने आने के बाद जल संसाधन विभाग ने आधिकारिक प्रतिवेदन जारी कर स्थिति स्पष्ट की है. विभाग के अनुसार, बेला गोठ गांव का वार्ड संख्या-06 कोसी नदी की पूर्वी और पश्चिमी धाराओं के बीच स्थित है. पिछले वर्ष आई बाढ़ के दौरान इस गांव में कटाव की वजह से कुछ मकान क्षतिग्रस्त हुए थे.
विभाग ने बताया कि 2 जुलाई 2026 को किए गए स्थल निरीक्षण में लगभग 150 मीटर क्षेत्र में नदी का आंशिक कटाव देखा गया है. यह कटाव नदी का जलस्तर घटने के कारण हुआ है. हालांकि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं.
जल संसाधन विभाग के मुताबिक, मौके पर बाढ़ संघर्षात्मक कार्य के लिए आवश्यक सामग्री जैसे बांस और बालू से भरे ईसी बैग (EC Bags) पहुंचाए जा रहे हैं. जल्द ही कटाव रोकने का कार्य शुरू कर प्रभावित स्थल को सुरक्षित कर लिया जाएगा.
विभाग ने यह भी बताया कि बेला गोठ गांव के वार्ड संख्या-07 में, जो कोसी नदी की पूर्वी धारा के बाईं ओर स्थित है, वहां 27 जून 2026 को कटाव की सूचना मिलने के बाद तत्काल बाढ़ सुरक्षा कार्य कराया गया था. इसके बाद उस स्थान को सुरक्षित कर लिया गया है.
प्रशासन का कहना है कि कोसी नदी के किनारे स्थित सभी संवेदनशील इलाकों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है. जहां भी कटाव की आशंका होगी, वहां तुरंत सुरक्षा कार्य कराया जाएगा ताकि लोगों के जान-माल की रक्षा की जा सके.