SUPAUL: सुपौल में शनिवार को भीषण गर्मी का प्रकोप देखने को मिला। तेज धूप और उमस के कारण जिले के निर्मली स्थित एक सरकारी विद्यालय में हाजिरी के दौरान चार छात्राओं की अचानक तबीयत बिगड़ गई। इनमें एक छात्रा बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़ी, जिससे विद्यालय परिसर में अफरा-तफरी मच गई।
जिले के निर्मली स्थित कन्या मध्य विद्यालय के एचएम बद्री नारायण वर्मा ने बताया कि शनिवार को चेतना सत्र समाप्त होने के बाद सभी छात्राएं अपनी-अपनी कक्षाओं में चली गईं। हाजिरी के दौरान अचानक छात्रा अंशु कुमारी बेहोश होकर गिर पड़ी। इसके अलावा तीन अन्य छात्राओं की भी भीषण गर्मी के कारण तबीयत बिगड़ गई। सभी छात्राओं को चक्कर आने,घबराहट और कमजोरी की शिकायत होने लगी।
घटना के बाद स्कूल के शिक्षकों ने तत्काल स्थिति को संभालते हुए छात्राओं को प्राथमिक सहायता उपलब्ध कराई। अंशु कुमारी की हालत अधिक गंभीर होने के कारण उन्हें तत्काल इलाज के लिए पास के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया,जबकि अन्य छात्राओं को भी आवश्यक चिकित्सा सहायता दी गई। एचएम बद्री नारायण वर्मा ने बताया कि डॉक्टरों द्वारा प्राथमिक उपचार के बाद सभी छात्राओं की स्थिति सामान्य है और वे सभी खतरे से बाहर हैं।
समय रहते इलाज मिलने से किसी बड़ी अनहोनी की आशंका टल गई। इस घटना के बाद विद्यालय परिसर में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। अभिभावकों को भी घटना की जानकारी दी गई,जिसके बाद वे विद्यालय और अस्पताल पहुंचे। घटना ने एक बार फिर भीषण गर्मी के बीच स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य संबंधी व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मौसम विभाग लगातार लोगों को दोपहर के समय तेज धूप से बचने, पर्याप्त मात्रा में पानी पीने और अनावश्यक रूप से बाहर नहीं निकलने की सलाह दे रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि अत्यधिक गर्मी के कारण विशेष रूप से बच्चों में डिहाइड्रेशन,चक्कर आना और हीट स्ट्रोक जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ सकती हैं। ऐसे में स्कूलों को भी गर्मी से बचाव के लिए पर्याप्त पेयजल,प्राथमिक उपचार और आवश्यक एहतियाती व्यवस्थाएं सुनिश्चित करनी चाहिए, ताकि इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।