SUPAUL: बिहार के सुपौल में बड़ी आपराधिक साजिश को अंजाम देने की तैयारी कर रहे अंतरजिला गिरोह के तीन अपराधियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इनके पास से पांच देसी कट्टा,एक पिस्टल,17 जिंदा कारतूस,एक मोटरसाइकिल, हथौड़े,प्लायर कटर और गृहभेदन समेत अन्य आपराधिक घटनाओं में इस्तेमाल होने वाले औजार बरामद किए गए हैं। पुलिस की इस कार्रवाई से जिले में एक बड़ी आपराधिक घटना को समय रहते टालने का दावा किया गया है। गिरफ्तार तीनों आरोपी पूर्णिया और अररिया जिले के रहने वाले हैं।
शनिवार को एसपी शरथ आर एस ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि गंभीर आपराधिक घटनाओं में संलिप्त एक अंतरजिला गिरोह के कुछ सदस्य सुपौल जिले में सक्रिय हैं। गिरोह के सदस्य किसी बड़ी आपराधिक वारदात को अंजाम देने की योजना बना रहे थे। सूचना की गंभीरता को देखते हुए एसपी ने त्रिवेणीगंज एसडीपीओ दिलीप कुमार के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की। इसमें त्रिवेणीगंज अनुमंडल क्षेत्र के सभी थानाध्यक्षों को शामिल किया गया।
#कई दिनों से गिरोह की गतिविधियों पर थी नजर......
पुलिस के अनुसार,गठित टीम पिछले कई दिनों से गिरोह की गतिविधियों पर नजर रख रही थी। तकनीकी और अन्य माध्यमों से संदिग्धों की पहचान करने के साथ उनकी गतिविधियों की जानकारी जुटाई जा रही थी। इसी दौरान 22 अक्टूबर की रात सूचना मिली कि गिरोह के कुछ सदस्य त्रिवेणीगंज अनुमंडल क्षेत्र में एक स्थान पर जुटकर बड़ी आपराधिक घटना को अंजाम देने की तैयारी कर रहे हैं। इसके बाद पुलिस टीम ने सूचना का सत्यापन करते हुए योजनाबद्ध तरीके से घेराबंदी की और छापेमारी अभियान चलाया। इस दौरान तीन संदिग्धों को हिरासत में लेकर तलाशी ली गई। तलाशी में भारी मात्रा में हथियार, जिंदा कारतूस और आपराधिक घटनाओं में इस्तेमाल किए जाने वाले औजार बरामद हुए।
#पूर्णिया और अररिया के रहने वाले हैं गिरफ्तार आरोपी......
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पूर्णिया जिले के बनमनखी थाना क्षेत्र के पिपरा वार्ड12 निवासी अजय यादव, बेला बदन वार्ड 14 निवासी फूलो ततमा और अररिया जिले के भरगामा थाना क्षेत्र के खजुरी बाजार वार्ड 7 निवासी शशि ठाकुर के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान सुपौल जिले में आपराधिक वारदात की योजना बनाने से संबंधित जानकारी सामने आई है। हालांकि, प्रस्तावित घटना के सटीक स्वरूप का विस्तृत ब्योरा पुलिस ने नहीं दिया है।
#स्थानीय सहयोगियों की भी हो रही जांच...
एसपी के अनुसार,गिरोह को स्थानीय स्तर पर कुछ संदिग्ध व्यक्तियों से सहयोग मिलने की बात सामने आई है। पुलिस ने ऐसे संदिग्धों की पहचान कर उनकी भूमिका की जांच शुरू कर दी है। गिरोह के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। इस मामले में राजेश्वरी थाना में केश दर्ज कर विधिसम्मत कार्रवाई की जा रही है। पुलिस गिरोह के नेटवर्क,स्थानीय सहयोगियों और पूर्व की आपराधिक घटनाओं में उसकी संभावित संलिप्तता का पता लगाने में जुटी है। गिरफ्तार तीनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में शनिवार को भेजा गया।