Bihar Teacher News: बांका में फर्जी शैक्षणिक प्रमाण पत्रों के आधार पर सरकारी नौकरी कर रही एक नियोजित शिक्षिका को बर्खास्त कर दिया गया है. वहीं, फर्जी मैट्रिक प्रमाण पत्र के आधार पर चयनित एक शिक्षा सेवक को भी तत्काल प्रभाव से चयनमुक्त कर दिया गया है. निगरानी जांच में प्रमाण पत्रों के फर्जी पाए जाने के बाद शिक्षा विभाग ने दोनों के खिलाफ कार्रवाई की है. शिक्षिका के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होने के बाद से वह फरार बताई जा रही है.


बाराहाट प्रखंड के प्राथमिक विद्यालय भूरना कन्या में पदस्थापित नियोजित शिक्षिका कमला देवी के शैक्षणिक प्रमाण पत्रों की निगरानी अन्वेषण ब्यूरो द्वारा जांच की जा रही थी. जांच के दौरान उनके शैक्षणिक प्रमाण पत्र फर्जी पाए गए. इसके बाद विभागीय निर्देश पर कमला देवी के खिलाफ बाराहाट थाने में धोखाधड़ी और जालसाजी की धाराओं के तहत नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई गई.


प्राथमिकी दर्ज होने की जानकारी मिलने के बाद शिक्षिका स्कूल छोड़कर फरार हो गई. बताया जा रहा है कि वह अपने गांव से भी गायब है. पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है.


डीईओ के निर्देश पर पंचायत नियोजन समिति ने की सेवा समाप्त

कमला देवी नियोजित शिक्षिका थीं. उनके फर्जी प्रमाण पत्र सामने आने के बाद जिला शिक्षा पदाधिकारी की ओर से पंचायत नियोजन समिति भूरना को उनकी सेवा समाप्त करने की अनुशंसा भेजी गई. डीईओ का पत्र मिलने के बाद पंचायत नियोजन समिति के सचिव सह पंचायत सचिव ने सोमवार को कमला देवी की सेवा समाप्ति का आदेश जारी कर दिया.


चांदन में फर्जी प्रमाण पत्र पर चयनित शिक्षा सेवक भी चयनमुक्त

दूसरा मामला चांदन प्रखंड के प्राथमिक विद्यालय फूलजोरा से जुड़ा है. यहां कार्यरत शिक्षा सेवक बालमुकुंद तुरी के शैक्षणिक प्रमाण पत्र को लेकर स्थानीय निवासी मंटू रजक ने विभाग में लिखित शिकायत की थी. शिकायत मिलने के बाद डीपीओ साक्षरता ने बालमुकुंद तुरी को अपने मूल शैक्षणिक दस्तावेज जांच के लिए प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था.


विभागीय जांच के दौरान बालमुकुंद तुरी जांच के लिए उपस्थित नहीं हुआ. इसके बाद उपलब्ध दस्तावेजों की जांच में उसका मैट्रिक प्रमाण पत्र किसी मान्यता प्राप्त वैध बोर्ड से निर्गत नहीं पाया गया. प्रमाण पत्र की वैधता पर सवाल सामने आने के बाद विभाग ने मामले में कार्रवाई शुरू की.


डीपीओ साक्षरता ने चयन समिति और विद्यालय प्रधान को आदेश जारी कर बालमुकुंद तुरी को तत्काल प्रभाव से चयनमुक्त कर दिया. फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर सरकारी व्यवस्था में नौकरी हासिल करने के दोनों मामलों में कार्रवाई के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा हुआ है.