SITAMARHI: सीतामढ़ी जिले में एक वार्ड सदस्य प्रतिनिधि का कथित वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में सुप्पी प्रखंड की मोहिनी मंडल पंचायत के वार्ड संख्या-4 की निर्वाचित सदस्य अनीता देवी के पति एवं वार्ड सदस्य प्रतिनिधि अघनु पासवान जिला प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते नजर आ रहा हैं। डीएम और डीडीसी पर गंभीर आरोप लगाते हुए दोनों अधिकारियों की तबादले की मांग कर रहा है और भद्दी-भद्दी गालियां दे रहा है। सोशल मीडिया पर यह वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। हालाकि वायरल इस वीडियो की पुष्टि फर्स्ट बिहार नहीं करता।


सोशल मीडिया पर जो वीडियो सीतामढ़ी का वायरल हो रहा है, उसमें अघनु पासवान का दावा है कि पंचायत में कथित भ्रष्टाचार से जुड़े मामले को लेकर उन्होंने करीब सात महीने पहले जिला प्रशासन को आवेदन दिया था, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। उनका आरोप है कि लगातार शिकायत के बावजूद प्रशासन मामले को दबाए हुए हैं और भ्रष्टाचार के खिलाफ कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।


अघनु पासवान वीडियो में शौचालय के नाम पर 4.32 लाख का गबन का आरोप लगा रहा है। कह रहा है कि एक पंचायत में 4 लाख 32 हजार का गबन हुआ है। जबकि कुल 11 पंचायत है, मैंने अपने पंचायत को अपना दिमाग लगाकर भ्रष्टाचार मुक्त कराया। सरकार को पैसा वापस कराया। अघनु पासवान ने सीतामढ़ी के डीएम रिची पांडेय और डीडीसी संदीप कुमार पर गंभीर आरोप लगाये और अभद्र टिप्पणी की। कहा कि गुस्सा होकर हम गाली दे रहे हैं, हमको जेल भेज दो। 


वायरल वीडियो में वह आगे कहता है कि कचरा प्रांगण में मिट्टी भराई का काम नहीं हुआ और पैसा निकाल लिया गया। जनता जाग चुकी है कंप्लेन के बावजूद इस पर कार्रवाई क्यों नहीं की गई। दोनों अधिकारी भ्रष्टाचार का साथ दे रहे हैं। जैसा सलुक जनता के साथ किया जा रहा है वैसा अंग्रेज भी नहीं किया होगा। अघनु ने सीतामढी डीएम और डीडीसी के ट्रांसफर की मांग की।


वायरल वीडियो में अघनु पासवान ने आरोप लगाते-लगाते सीतामढ़ी के डीएम रिची पांडे और डीडीसी संदीप कुमार के खिलाफ आपत्तिजनक एवं अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। इतना ही नहीं, उन्होंने दोनों अधिकारियों पर भ्रष्टाचार में शामिल होने का आरोप लगाते हुए उन्हें जिला छोड़ने की चेतावनी भी दी। 


उन्होंने कहा कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो "जनता अब जाग चुकी है" और अधिकारियों को जिले से "खदेड़ दिया जाएगा।" वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासनिक महकमे में हलचल मच गई है। हालांकि, वायरल वीडियो में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। जिला प्रशासन की ओर से इस मामले में फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।