SITAMARHI: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर गुरुवार को सीतामढ़ी में आयोजित सेवा संकल्प कार्यक्रम के दौरान संबल योजना के लाभुकों की नाराजगी सामने आई। जिला प्रशासन और जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण कोषांग की ओर से परिचर्चा भवन में बैटरी चालित ट्राइसाइकिल, बैसाखी और कृत्रिम अंग वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया था। कार्यक्रम में समाज कल्याण मंत्री डॉ. श्वेता गुप्ता को लाभुकों के बीच योजनाओं का वितरण करना था।
कार्यक्रम के लिए विभाग की ओर से 24 लाभुकों का चयन किया गया था। आरोप है कि कई लाभुकों को फोन कर कार्यक्रम में शामिल होने के लिए बुलाया गया, लेकिन कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने के बाद कुछ लोगों को योजना का लाभ नहीं मिल सका।
40 किलोमीटर दूर से पहुंचे, फिर भी नहीं मिली ट्राइसाइकिल
खड़का निवासी महेंद्र राउत ने बताया कि विभाग की ओर से उन्हें फोन कर कार्यक्रम में बुलाया गया था। वह करीब 40 किलोमीटर की दूरी तय कर परिचर्चा भवन पहुंचे, लेकिन वहां पहुंचने के बाद उन्हें ट्राइसाइकिल नहीं मिलने की जानकारी दी गई।
महेंद्र राउत ने सवाल उठाया कि यदि सूची में उनका नाम नहीं था, तो विभाग की ओर से उन्हें फोन कर कार्यक्रम में बुलाया क्यों गया।
इसी तरह बिररख निवासी मंजू देवी ने बताया कि उन्हें दो बार फोन कर कार्यक्रम में आने के लिए कहा गया था। आने-जाने में परेशानी के बावजूद वह कार्यक्रम स्थल पहुंचीं, लेकिन उन्हें भी ट्राइसाइकिल नहीं मिल सकी।
वहीं, बुजुर्ग लाभुक चुल्हाई सहनी ने आरोप लगाया कि उन्हें ट्राइसाइकिल लेने के लिए फोन कर बुलाया गया था। कार्यक्रम स्थल पर उन्हें खराब बैटरी वाली ट्राइसाइकिल देने की बात कही गई।
मंत्री ने कहा- किसी पात्र लाभुक को खाली हाथ नहीं लौटाया जाएगा
लाभुकों की शिकायत सामने आने के बाद समाज कल्याण मंत्री डॉ. श्वेता गुप्ता ने मामले को गंभीरता से लिया। उन्होंने कहा कि यदि किसी पात्र लाभुक को योजना का लाभ नहीं मिला है, तो संबंधित लोगों को चिन्हित कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
मंत्री ने स्पष्ट किया कि किसी भी पात्र लाभुक को खाली हाथ नहीं लौटाया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को पात्र लाभुकों को बैटरी चालित ई-रिक्शा या ट्राइसाइकिल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
विभागीय जांच के बाद स्थिति होगी स्पष्ट
लाभुकों की शिकायत के बाद अब सवाल उठ रहे हैं कि जब विभाग की ओर से लाभुकों को फोन कर कार्यक्रम में बुलाया गया था, तो मौके पर पहुंचने के बाद कुछ लोगों को योजना का लाभ क्यों नहीं मिल सका।
मामले में विभागीय स्तर पर जांच और संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि लाभुकों को योजना का लाभ नहीं मिलने के पीछे वास्तविक वजह क्या थी।