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24-Mar-2026 01:49 PM
By First Bihar
Bihar News: बिहार के सीतामढ़ी जिले के सोनबरसा प्रखंड स्थित सहोरवा मध्य विद्यालय में चौथी कक्षा की एक छात्रा की मौत का मामला सामने आया है। परिजनों के अनुसार, छात्रा की तबीयत सहपाठियों के साथ हुए विवाद के बाद बिगड़ी थी। घटना के बाद विद्यालय की व्यवस्था और शिक्षकों की भूमिका को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, स्मृति कुमारी (पिता—जितेंद्र कुमार राय) का स्कूल में ही अपनी दो सहपाठी छात्राओं—राकेश साह और राम सागर महतो की पुत्रियों—से किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। बताया जा रहा है कि यह विवाद कक्षा में पंखा चालू करने को लेकर शुरू हुआ। स्मृति जब पंखा चलाने गई, तो दोनों छात्राओं ने आपत्ति जताई, जिसके बाद कहासुनी हुई और मामला धीरे-धीरे बढ़ गया।
परिजनों का आरोप है कि इसी दौरान स्मृति के साथ मारपीट की गई, जिससे उसकी तबीयत बिगड़ गई। घटना सोमवार दोपहर की बताई जा रही है। स्कूल में मौजूद अन्य बच्चों ने इस घटना की जानकारी शिक्षकों को दी, लेकिन स्थिति को समय रहते पूरी तरह नियंत्रित नहीं किया जा सका।
घटना की सूचना मिलने के बाद स्मृति के पिता तुरंत स्कूल पहुंचे और उसे इलाज के लिए सोनबरसा के स्वास्थ्य केंद्र ले गए। वहां से डॉक्टरों ने बेहतर इलाज के लिए उसे सीतामढ़ी रेफर कर दिया। सीतामढ़ी में इलाज के दौरान उसकी स्थिति गंभीर बनी रही, जिसके बाद उसे पटना ले जाया जा रहा था। इसी दौरान रास्ते में गांधी सेतु के पास उसकी मौत हो गई।
इस मामले को लेकर परिजनों ने विद्यालय के शिक्षकों पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि बच्चों के बीच हुए विवाद को यदि समय रहते रोका जाता, तो स्थिति इतनी नहीं बढ़ती। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया है कि एक सहायक शिक्षक द्वारा “जो जीतेगा, वही पिटेगा” जैसी टिप्पणी की गई, जिससे बच्चों के बीच का विवाद और बढ़ गया।
घटना के समय विद्यालय में हरे राम सिंह, जोगेंद्र सहनी समेत अन्य शिक्षक मौजूद थे। बावजूद इसके इस तरह की घटना ने स्कूल में बच्चों की निगरानी और अनुशासन व्यवस्था को लेकर चर्चा तेज कर दी है। अभिभावकों का कहना है कि स्कूल में बच्चों की सुरक्षा और देखरेख को लेकर और सतर्कता बरतने की जरूरत है।
फिलहाल परिजन इस मामले में कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। वहीं स्थानीय प्रशासन की ओर से भी मामले की जांच की संभावना जताई जा रही है, ताकि पूरे घटनाक्रम की सही जानकारी सामने आ सके और आवश्यक कदम उठाए जा सकें।