SITAMARHI: सीतामढ़ी के परिहार प्रखंड के महादेवपट्टी गांव में इलाज के नाम पर बच्चों के साथ कथित अमानवीय व्यवहार करने वाले श्रवण महतो उर्फ श्रवण भगत को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। बच्चों को पकड़कर झकझोरने, पैर से पकड़कर हवा में घुमाने और जमीन पर पटकने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया। इससे पहले पुलिस के पहुंचने पर आरोपी मौके से फरार हो गया था। अब उसे गिरफ्तार कर पूछताछ की जा रही है।


बताया जाता है कि महादेवपट्टी स्थित श्मशान परिसर में कथित तौर पर पिछले करीब चार वर्षों से झाड़-फूंक और तंत्र-मंत्र के जरिए बच्चों के इलाज का दावा किया जा रहा था। स्थानीय लोगों के अनुसार सोमवार और शुक्रवार को यहां बड़ी संख्या में लोग अपने बच्चों को लेकर पहुंचते थे। खासकर बोलने, चलने या अन्य शारीरिक परेशानियों से जूझ रहे बच्चों को ठीक करने का दावा किए जाने की बात सामने आई है।


‘अक्षत देकर मां कामाख्या और भगवान नरसिंह के नाम पर इलाज’ का दावा

पुलिस गिरफ्त में आए श्रवण भगत ने पूछताछ के दौरान कथित तौर पर दावा किया कि वह मां कामाख्या और भगवान नरसिंह के नाम पर अक्षत देता है। उसका कहना है कि उसने यह तरीका किसी से सीखा नहीं, बल्कि सपने में उसे इसकी जानकारी मिली। श्रवण ने यह भी दावा किया कि उसके पास इलाज के लिए ऑस्ट्रेलिया तक से लोग आए और नेपाल से भी लोग उसके पास पहुंचते थे। उसने कहा कि वह करीब 10 वर्षों से यह काम कर रहा है और उसके अनुसार अब तक किसी बच्चे की मौत नहीं हुई।


वायरल वीडियो के बाद दर्ज हुआ मामला

वायरल वीडियो में बच्चों के साथ जिस तरह का व्यवहार दिखाई दे रहा है, उसे लेकर लोगों में आक्रोश है। वीडियो में एक व्यक्ति बच्चों को पकड़कर झकझोरता, हवा में घुमाता और फिर जमीन पर पटकता दिखाई देता है। हालांकि विभिन्न मीडिया रिपोर्टों ने भी स्पष्ट किया है कि वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है।


मामले में परिहार थानाध्यक्ष पंकज कुमार यादव के बयान पर श्रवण महतो के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज किए जाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के साथ किशोर न्याय संरक्षण अधिनियम, 2015 के तहत भी कार्रवाई की है।


ASP आशीष आनंद ने बताया कि मामले में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि बच्चों को वहां कौन लेकर आता था, कथित इलाज कितने समय से चल रहा था और इस गतिविधि से जुड़े अन्य लोग कौन हैं।


पुलिस अब वायरल वीडियो, आरोपी के बयान और स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के आधार पर पूरे मामले की कड़ियां जोड़ रही है। बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी प्रशासन की कार्रवाई पर नजर है।