मुजफ्फरपुर/सीतामढ़ी: सीतामढ़ी जिले के बोखड़ा थाना क्षेत्र की रहने वाली 3 मासूम बच्चों की मां पिंकी कुमारी की मुजफ्फरपुर स्थित श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (एसकेएमसीएच) में इलाज के दौरान रविवार की सुबह मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि ससुराल पक्ष ने उन्हें जिंदा जलाने की कोशिश की थी और पूर्व में की गई शिकायतों पर पुलिस ने समय रहते कार्रवाई नहीं की। बोखड़ा थानाध्यक्ष के खिलाफ मानवाधिकार आयोग में शिकायत दर्ज की गयी है।  


पीड़ित परिवार ने बोखड़ा थाना के थानाध्यक्ष के खिलाफ बिहार राज्य मानवाधिकार आयोग और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत मानवाधिकार मामलों के अधिवक्ता एस.के. झा के माध्यम से दर्ज कराई गई है। परिजनों के अनुसार, पिंकी कुमारी अपने ससुराल पक्ष की कथित प्रताड़ना से परेशान थीं और उन्होंने कई बार बोखड़ा थाना में शिकायत की थी। परिवार का आरोप है कि पुलिस ने ना तो मामले में प्रभावी कार्रवाई की और न ही उन्हें सुरक्षा प्रदान की।


परिजनों का कहना है कि पिछले सप्ताह पिंकी को गंभीर रूप से जला दिया गया, जिसके बाद उन्हें एसकेएमसीएच, मुजफ्फरपुर में भर्ती कराया गया था। बताया गया कि वह लगभग 80 प्रतिशत तक झुलस गई थीं। उपचार के दौरान रविवार सुबह करीब 5 बजे उनकी मौत हो गई।


मृतका अपने पीछे तीन छोटे बच्चों को छोड़ गई हैं। परिजनों ने आरोप लगाया कि यदि पुलिस समय पर कार्रवाई करती तो यह घटना टाली जा सकती थी। उन्होंने यह भी दावा किया कि मामले में अब तक सभी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है। मानवाधिकार अधिवक्ता एस.के. झा ने कहा कि शिकायत में पुलिस की कथित लापरवाही और पीड़िता को सुरक्षा नहीं दिए जाने के मुद्दे को उठाया गया है। उन्होंने मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। फिलहाल पुलिस की ओर से इस मामले में आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।