SITAMARHI:जनता दल यूनाइटेड की ओर से गुरुवार को जारी जिला संगठन से जुड़ी लिस्ट के बाद सीतामढ़ी की राजनीति में नई चर्चा शुरू हो गई है। सूची में सत्य प्रकाश मंडल को युवा जदयू का जिला अध्यक्ष बनाए जाने की बात सामने आई है। वहीं, सत्य प्रकाश मंडल से जुड़े वर्ष 2020 के एक शराब बरामदगी मामले को लेकर इस नियुक्ति पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
दरअसल 24 नवंबर 2020 को रुन्नीसैदपुर प्रखंड के उत्क्रमित मध्य विद्यालय, रुन्नीसैदपुर के समीप पुलिस कार्रवाई में सत्य प्रकाश मंडल समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस के अनुसार, जिस मारुति सुजुकी कार से वे लोग जा रहे थे, उससे इंपीरियल ब्लू शराब की दो बोतलें बरामद होने की बात सामने आई थी। इसके बाद आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजे जाने की कार्रवाई की गई थी।
अब उसी व्यक्ति को जदयू की ओर से युवा जिला संगठन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दिए जाने की चर्चा ने राजनीतिक हलकों में सवाल खड़े कर दिए हैं। सवाल यह उठ रहा है कि जिस पार्टी की सरकार ने बिहार में शराबबंदी को प्रमुख नीतियों में शामिल किया है, उसी पार्टी के जिला संगठन में शराब मामले में जेल जा चुके व्यक्ति को इतनी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी देने का फैसला किन आधारों पर लिया गया?
ऐसे में अब निगाहें जदयू नेतृत्व के जवाब पर हैं कि सत्य प्रकाश मंडल की नियुक्ति से पहले वर्ष 2020 के इस मामले की जानकारी पार्टी नेतृत्व के संज्ञान में थी या नहीं? और यदि जानकारी थी, तो उन्हें युवा जिला अध्यक्ष की जिम्मेदारी देने का आधार क्या रहा? इस पूरे मामले में जदयू की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने के बाद तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।
सीतामढ़ी से FIRST BIHAR संवाददाता सौरभ की रिपोर्ट