Bihar News: बिहार के सीतामढ़ी से सामने आई यह घटना सिर्फ एक आगजनी नहीं, बल्कि रिश्तों की ऐसी दर्दनाक कहानी है, जिसने पूरे इलाके को सन्न कर दिया। पुपरी-मधुबनी रोड पर शुक्रवार रात लगी भीषण आग ने एक परिवार को हमेशा के लिए उजाड़ दिया। इस हादसे में एक बेबस पिता और उसे बचाने दौड़ी उसकी मासूम बेटी—दोनों की जिंदा जलकर मौत हो गई।


मृतकों की पहचान 50 वर्षीय विनोद कुमार और उनकी 10 साल की बेटी छोटी कुमारी के रूप में हुई है। विनोद कुमार लंबे समय से पैरालिसिस से पीड़ित थे और चल-फिर पाने में असमर्थ थे। वे घर के एक कमरे में बिस्तर पर ही रहते थे, पूरी तरह दूसरों पर निर्भर।


घटना के वक्त घर में बेहद सामान्य माहौल था। छोटी कुमारी रसोई में खाना बना रही थी, जबकि उसकी मां किसी काम से बाहर गई हुई थी। तभी अचानक रसोई में आग भड़क उठी। बताया जा रहा है कि घर में पेट्रोल रखा हुआ था, जिसने आग को और ज्यादा भयानक बना दिया। देखते ही देखते आग ने पूरे खपरैल घर को अपनी चपेट में ले लिया।


आग की लपटें उठती देख छोटी कुमारी के पास भागकर बाहर निकलने का मौका था, लेकिन उसने जो किया, उसने हर किसी की आंखें नम कर दीं। वह सीधे अपने पिता के कमरे की ओर दौड़ी। उसे पता था कि उसके पिता खुद से उठ नहीं सकते। उसने अपनी जान की परवाह किए बिना उन्हें बचाने की कोशिश की।


लेकिन आग बहुत तेजी से फैल चुकी थी। कुछ ही पलों में पूरा घर आग के गोले में बदल गया। पिता और बेटी दोनों उसी आग में फंस गए। बाहर मौजूद लोगों ने शोर मचाया, मदद की कोशिश की, लेकिन लपटों की भयावहता के सामने कोई भी कुछ नहीं कर सका।


सूचना मिलने पर अग्निशमन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। लेकिन तब तक सब कुछ खत्म हो चुका था। दोनों के जले हुए शव बरामद किए गए।


घटना के बाद पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है। हर कोई इस बात से स्तब्ध है कि एक छोटी सी बच्ची ने अपने पिता को बचाने के लिए अपनी जान दांव पर लगा दी। यह दृश्य जिसने भी सुना या देखा, उसकी आंखें भर आईं।


पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आग लगने के कारणों की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती तौर पर आग लगने की वजह स्पष्ट नहीं हो पाई है, लेकिन घर में ज्वलनशील पदार्थ होने की बात सामने आई है।


(सीतामढ़ी से सौरभ की रिपोर्ट)