SITAMARHI: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी बिहार में 11 जगहों पर सैटेलाइट टाउनशिप विकसित किये जाने की घोषणा कर चुके हैं। इस पर काम भी चल रहा है। बुधवार को सीतामढ़ी में सीतापुरम सैटेलाइट टाउनशिप को लेकर एक कैंप लगाया गया था, जिसका किसानों ने जमकर विरोध किया। इस दौरान सम्राट चौधरी मुर्दाबाद के नारे लगाए और जमकर हंगामा मचाया। लोगों के हंगामें को देखते हुए अधिकारियों को बैरंग वहां से लौटना पड़ गया। दावा आपत्ति सुनवाई के दौरान माहौल तनावपूर्ण हो गया।
सीतामढ़ी जिले के पुनौरा थाना क्षेत्र स्थित विद्यालय परिसर में बुधवार को प्रस्तावित सीतापुरम सैटलाइट टाउनशिप परियोजना को लेकर विशेष कैंप का आयोजन किया गया था। कैंप में भूमि संबंधी दावा एवं आपत्ति से जुड़े मामलों की सुनवाई की गई। वहीं बड़ी संख्या में पहुंचे स्थानीय लोगों ने टाउनशिप परियोजना का विरोध करते हुए जमकर हंगामा किया। इस दौरान लोगों ने सरकार और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के खिलाफ नारेबाजी भी की।
विशेष शिविर में संबंधित विभाग के अधिकारियों द्वारा लोगों से आवेदन प्राप्त किए गए एवं आवश्यक दस्तावेजों की जांच की गई। सीओ डॉली झा ने बताया कि दावा-आपत्ति प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से पूरा करने के उद्देश्य से कैंप लगाया गया है, ताकि प्रभावित लोगों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े।
कैंप के दौरान कई ग्रामीणों ने अपनी जमीन और आवास प्रभावित होने की आशंका जताई। लोगों का कहना था कि बिना स्पष्ट जानकारी और संतोषजनक समाधान के टाउनशिप योजना को लागू करना उचित नहीं होगा। इसी मुद्दे को लेकर कुछ देर तक माहौल तनावपूर्ण बना रहा और लोगों ने प्रशासन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।
स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए मौके पर पुनौरा थाना प्रभारी पुलिस बल के साथ तैनात रहे। प्रशासन की ओर से लोगों को समझाने का प्रयास किया गया और शांतिपूर्ण तरीके से दावा-आपत्ति दर्ज कराने की अपील की गई। लेकिन यह कार्यक्रम हंगामे की भेंट चढ़ गया जिसके बाद अधिकारियों को बिना बातचीत किये ही वापस लौटना पड़ गया।
ग्रामीणों ने सरकार पर उनकी जमीन हड़पने का आरोप लगाया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि वो अपनी जमीन किसी भी कीमत पर सरकार को नहीं देंगे। संवाद के नाम पर लोगों को बरगलाने का काम हो रहा है, लेकिन हम उनके झांसे में आने वाले नहीं है। ग्रामीणों का आरोप था कि सैटेलाइट टाउनशिप परियोजना के नाम पर किसानों की पुश्तैनी जमीन छीनी जा रही है, ऐसा हम कभी होने नहीं देंगे। जान दे देंगे लेकिन अपनी जमीन हम नहीं देंगे।