Bihar Education News: बिहार में शिक्षकों के वेतन भुगतान में सामने आ रही गड़बड़ियों के बाद राज्य सरकार ने सख्ती शुरू कर दी है। वित्त विभाग ने सभी जिलों के जिला शिक्षा पदाधिकारियों (DEO) को पत्र जारी कर शिक्षकों से वेतन मद में मिली अतिरिक्त राशि वापस कराने का निर्देश दिया है। 




इसके बाद सीतामढ़ी  के जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों (DPO) ने भी शिक्षकों और कर्मियों को निर्देश जारी कर दिए हैं। स्पष्ट कहा गया है कि यदि किसी शिक्षक के खाते में निर्धारित वेतन से अधिक राशि आई है, तो उसे निर्धारित समय सीमा के भीतर वापस करना होगा। ऐसा नहीं करने पर संबंधित शिक्षक के खिलाफ कठोर अनुशासनिक और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।




दरअसल, पिछले दो महीनों में राज्य के अलग-अलग जिलों में शिक्षकों के वेतन और अन्य मदों में करोड़ों रुपये के कथित अवैध भुगतान के मामले सामने आए हैं। इन मामलों में दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों पर भी कार्रवाई की गई है। इसी के मद्देनजर वित्त विभाग ने सभी जिलों के जिला शिक्षा पदाधिकारियों को पत्र भेजकर अतिरिक्त भुगतान की राशि तत्काल वापस कराने का निर्देश दिया है।




सीतामढ़ी में डीपीओ ने वित्त विभाग के पत्र और शिक्षा विभाग के निदेशक (प्रशासन) के 12 अक्टूबर 2026 के पत्र के आलोक में जिले के सभी शिक्षकों और कर्मियों को निर्देश जारी किया है। इसमें कहा गया है कि सभी शिक्षक अपने वेतन विवरण (सैलरी स्टेटमेंट) की जांच कर लें और सुनिश्चित करें कि उनके खाते में किसी भी मद में अतिरिक्त राशि का भुगतान तो नहीं हुआ है।




निर्देश के अनुसार, यदि किसी शिक्षक या कर्मी को अतिरिक्त राशि मिली है, तो नियमित शिक्षक, विशिष्ट शिक्षक और विद्यालय अध्यापक कोषागार चालान के माध्यम से राशि वापस करनी होगी। वहीं, स्थानीय निकाय के शिक्षकों को इस संबंध में डीपीओ (स्थापना) से संपर्क कर संबंधित खाते में राशि जमा करनी होगी। इसके लिए 2 नवंबर 2026 तक की समय सीमा निर्धारित की गई है। डीपीओ ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि निर्धारित समय तक अतिरिक्त राशि वापस नहीं करने और जांच में अधिक भुगतान की पुष्टि होने पर संबंधित शिक्षक के खिलाफ कठोर अनुशासनिक एवं विधिक कार्रवाई की जाएगी।




गौरतलब है कि मोतिहारी में मानव संपदा प्रबंधन प्रणाली पोर्टल के जरिए 60 लाख रुपये से अधिक के अवैध भुगतान का मामला सामने आया है। शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव के आदेश पर इस मामले में एक मदरसा शिक्षक और कंप्यूटर ऑपरेटर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।




वहीं, पिछले महीने भागलपुर में फर्जी शिक्षिका के नाम पर करीब 52 लाख से 98 लाख रुपये तक के अवैध भुगतान का मामला उजागर हुआ था। इस मामले में जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) और जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (DPO) को निलंबित कर दिया गया था। साथ ही दोनों के खिलाफ प्राथमिकी भी दर्ज कराई गई।





वेतन भुगतान में गड़बड़ियों और वित्तीय अनियमितताओं को रोकने के लिए शिक्षा विभाग ने राज्य के सभी 38 जिलों में शिक्षकों के वेतन और भत्तों का आंतरिक ऑडिट शुरू कराया है। वित्त विभाग ने अगले महीने का वेतन जारी करने से पहले सभी आंकड़ों का सत्यापन करने का निर्देश भी दिया है।



सरकार की इस कार्रवाई के बाद अब शिक्षकों को अपने वेतन विवरण की जांच करनी होगी। यदि खाते में अतिरिक्त भुगतान हुआ है, तो निर्धारित समय सीमा के भीतर राशि वापस करनी होगी, अन्यथा विभागीय कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।