Bihar Crime News: सीतामढ़ी में सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो ने पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था और गश्त पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामला मेहसौल थाना से जुड़ा है, जहां थाने के मुख्य गेट के ठीक सामने एक युवती ने 'गन-गोली' वाले गाने पर रील बनाई। हैरानी की बात यह है कि जिस जगह पर पुलिस की निगरानी सबसे ज्यादा होनी चाहिए, वहीं युवती काफी देर तक बेफिक्र अंदाज में वीडियो बनाती रही और पुलिसकर्मियों को इसकी भनक तक नहीं लगी। वीडियो सामने आने के बाद अब लोग पुलिस की मुस्तैदी पर सवाल उठा रहे हैं।
थाना गेट पर बना वीडियो, सोशल मीडिया पर मचा हड़कंप
वायरल वीडियो में एक युवती मेहसौल थाना के मुख्य प्रवेश द्वार के सामने खड़ी दिखाई दे रही है। वह सोशल मीडिया पर चल रहे 'गन-गोली' वाले गाने पर रील बनाती नजर आती है। वीडियो में थाने का नाम और मुख्य गेट भी साफ दिखाई दे रहा है। बताया जा रहा है कि यह वीडियो इंस्टाग्राम के 'ड्रीम इंस्टा क्वीन 00' नाम के अकाउंट से शेयर किया गया। सोशल मीडिया पर पोस्ट होने के बाद वीडियो तेजी से वायरल होने लगा। इसके बाद लोगों का ध्यान सिर्फ युवती की रील पर नहीं, बल्कि उस जगह पर भी गया जहां यह वीडियो बनाया गया। सवाल यह उठा कि आखिर थाना परिसर के मुख्य गेट के सामने कोई व्यक्ति इस तरह वीडियो बनाता रहा और वहां मौजूद पुलिसकर्मियों को इसकी जानकारी क्यों नहीं हुई?
जिस गेट पर पहरा, वहीं बनती रही रील
थाना किसी भी इलाके की सुरक्षा व्यवस्था का अहम केंद्र होता है। यहां पुलिसकर्मियों की आवाजाही रहती है और मुख्य गेट पर सामान्य तौर पर निगरानी भी रहती है। ऐसे में थाने के प्रवेश द्वार के सामने इस तरह रील बनना अपने आप में चर्चा का विषय बन गया है। वीडियो वायरल होने के बाद स्थानीय स्तर पर लोग पुलिस की सतर्कता को लेकर सवाल पूछ रहे हैं। लोगों का कहना है कि अगर कोई व्यक्ति सिर्फ रील बनाने के लिए थाना गेट तक पहुंच सकता है और काफी देर तक वीडियो शूट कर सकता है, तो फिर किसी संदिग्ध व्यक्ति की गतिविधि पर पुलिस की नजर कितनी जल्दी पड़ती होगी? यही सवाल अब सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बना हुआ है।
'गन-गोली' के बोल ने बढ़ाई चर्चा
इस पूरे मामले में सबसे ज्यादा चर्चा युवती की रील में इस्तेमाल किए गए गाने को लेकर हो रही है। वीडियो में 'गन-गोली' वाले बोल का इस्तेमाल किया गया है। हालांकि, शुरुआती तौर पर सामने आए वीडियो में किसी वास्तविक हथियार के प्रदर्शन की पुष्टि नहीं हुई है और न ही किसी आपराधिक घटना की जानकारी सामने आई है। यानी फिलहाल मामला रील बनाने तक ही सीमित नजर आ रहा है। लेकिन जिस स्थान पर यह रील बनाई गई, उसने इसे सामान्य सोशल मीडिया वीडियो से अलग बना दिया है। थाने जैसे संवेदनशील स्थान पर वीडियो शूट होने के कारण पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है।
लोगों ने पूछा- अपराधी आ जाए तो क्या होगा?
वीडियो वायरल होने के बाद स्थानीय लोगों के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर थाना गेट पर इतनी आसानी से कोई व्यक्ति वीडियो बना सकता है, तो पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था कितनी मजबूत है? लोगों का कहना है कि थाना आम जगह नहीं है। यहां लगातार पुलिस अधिकारी और जवान मौजूद रहते हैं। ऐसे में किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखना जरूरी होता है। अगर किसी व्यक्ति की गतिविधि पर समय रहते ध्यान नहीं जाता है, तो भविष्य में यह सुरक्षा के लिए परेशानी का कारण बन सकता है। हालांकि, वायरल वीडियो के आधार पर यह कहना जल्दबाजी होगी कि पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह विफल है। मामले में पुलिस की ओर से जांच या आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने के बाद ही तस्वीर पूरी तरह साफ होगी।
अब पुलिस की कार्रवाई पर नजर
फिलहाल इस वायरल वीडियो को लेकर सीतामढ़ी पुलिस या मेहसौल थाना की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि पुलिस ने वीडियो बनाने वाली युवती की पहचान की है या नहीं और क्या इस मामले में कोई कार्रवाई की गई है। अब नजर इस बात पर है कि वायरल वीडियो पर जिला पुलिस प्रशासन क्या संज्ञान लेता है। क्या पुलिस यह पता लगाएगी कि युवती ने थाना गेट के सामने कितनी देर तक वीडियो बनाया और उस दौरान ड्यूटी पर कौन-कौन से पुलिसकर्मी मौजूद थे? या फिर यह मामला सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद कुछ दिनों में शांत हो जाएगा? फिलहाल एक छोटी सी रील ने सीतामढ़ी पुलिस की बड़ी जिम्मेदारी पर सवाल जरूर खड़ा कर दिया है—जब थाना गेट के सामने कैमरा बेफिक्र होकर चल सकता है, तो पुलिस की नजर कितनी चौकस है?