गोपालगंज में दर्दनाक हादसा: तालाब में डूबने से दो स्कूली छात्रों की मौत मुजफ्फरपुर: केंद्रीय कारागार के विचाराधीन बंदी की SKMCH में मौत, गंभीर बीमारी और ड्रग एडिक्शन से था ग्रसित मुजफ्फरपुर कोर्ट का बड़ा फैसला: अपहरण और बाल विवाह मामले में मुकेश सहनी को 3 साल की सजा Bihar News: हड़ताली अंचल अधिकारियों पर बड़ा प्रहार...एक साथ कई CO को किया गया सस्पेंड, डिप्टी CM विजय सिन्हा का चला हथौड़ा WhatsApp कॉलिंग में बड़ा बदलाव: अब मिलेगी पूरी तरह शोर-मुक्त बातचीत की सुविधा, जानिए कैसे? बिहटा के NSMCH में CME का आयोजन: "BIHAR में हीमोग्लोबिनोपैथी निदान को सुदृढ़ बनाना स्क्रीनिंग से मॉलिक्यूलर टेस्टिंग तक” सवारी बिठाने के लिए टोटो चालकों के बीच जमकर मारपीट, चाकू से किया हमला Bihar News: रेस्टोरेंट की आड़ में चल रहा गंदा काम, पुलिस ने किया पर्दाफाश, तीन गिरफ्तार पटना हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: मस्जिद-कब्रिस्तान विवाद सुलझा, आमस-दरभंगा एक्सप्रेसवे का रास्ता हुआ साफ बिहार में तेज रफ्तार का कहर: हाईवा की टक्कर से बाइक सवार की मौके पर मौत, गुस्साए ग्रामीणों ने NH किया जाम
23-Jan-2026 02:07 PM
By FIRST BIHAR
Bihar Bridge Project: शिवहर के पुरनहिया प्रखंड अंतर्गत अदौरी घाट और पूर्वी चंपारण के खोड़ीपाकड़ के बीच बागमती नदी पर उच्चस्तरीय आरसीसी पुल निर्माण का सपना अब साकार होने जा रहा है। पथ निर्माण विभाग ने इस बहुप्रतीक्षित परियोजना को स्वीकृति दे दी है। केंद्रीय सड़क एवं अवसंरचना निधि से लगभग 205.40 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह पुल क्षेत्र की कनेक्टिविटी को नई रफ्तार देगा।
इस परियोजना के तहत 3.2 किलोमीटर लंबा उच्चस्तरीय आरसीसी पुल एवं पहुंच पथ का निर्माण किया जाएगा। पुल के बन जाने से शिवहर और पूर्वी चंपारण के बीच की दूरी करीब 25 किलोमीटर कम हो जाएगी। वर्तमान में पुल के अभाव में लोगों को लंबा फेरा लगाकर यात्रा करनी पड़ती है।
पथ निर्माण विभाग के अभियंता प्रमुख ने सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय से पुल निर्माण के लिए डीपीआर तैयार कर राशि उपलब्ध कराने की मांग की है। इस पुल की आवश्यकता को देखते हुए केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने सीआईआरएफ के तहत डीपीआर तैयार कराने के निर्देश पहले ही दे दिए थे।
यह पुल दशकों पुरानी मांग रही है। आज़ादी के बाद से अब तक यह क्षेत्र की सबसे बड़ी बुनियादी मांगों में शामिल रहा है, जिसे लेकर कई बार लोकसभा और विधानसभा चुनावों में भी मुद्दा उठा। शिवहर के सामाजिक कार्यकर्ता संजय संघर्ष सिंह ने तो दिल्ली में संसद के सामने धरना देकर पुल निर्माण तक दाढ़ी नहीं कटाने का संकल्प लिया था, जो आज भी उनकी “संकल्प की दाढ़ी” के रूप में बनी हुई है।
इस पुल के निर्माण से न केवल शिवहर बल्कि सीतामढ़ी, मुजफ्फरपुर और पूर्वी चंपारण की राह आसान होगी। लोगों को एक नया वैकल्पिक मार्ग मिलेगा। एलपीजी, पेट्रोलियम उत्पाद, खाद-उर्वरक और उपभोक्ता सामग्री के परिवहन में सुविधा होगी। किसान अपने उत्पाद पड़ोसी जिलों और उत्तर प्रदेश तक आसानी से भेज सकेंगे, जिससे उन्हें बेहतर बाजार मिलेगा।
फिलहाल पुल के अभाव में लोग दूरी कम करने के लिए जान जोखिम में डालकर कमर भर पानी में बागमती नदी पार करने को मजबूर हैं। पुल निर्माण से यह जोखिम खत्म होगा और क्षेत्र की आर्थिक स्थिति, व्यापार और लोगों के जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार आएगा।