Bihar Crime : सीतामढ़ी में सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। जिले का कुख्यात अपराधी फेकन कुमार सदर अस्पताल के कैदी वार्ड से पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया। हैरानी की बात यह है कि उसकी निगरानी के लिए चार पुलिस जवान तैनात थे, इसके बावजूद वह बाथरूम का वेंटिलेटर तोड़कर अस्पताल के पीछे वाले रास्ते से भाग निकला। घटना के बाद पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। मामले को गंभीरता से लेते हुए एसपी अमित रंजन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। वहीं, फरार अपराधी की गिरफ्तारी के लिए जिलेभर में सघन छापेमारी शुरू कर दी गई है।
जानकारी के अनुसार, फेकन कुमार को 3 जुलाई को पुलिस मुठभेड़ के दौरान पैर में गोली लगी थी। वह रीगा थाना क्षेत्र में सीएसपी संचालक से लूट की वारदात के बाद अपने साथियों के साथ भाग रहा था। पुलिस ने घेराबंदी की तो उसने कथित तौर पर पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली उसके पैर में लगी, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। प्राथमिक उपचार के बाद उसे जेल भेज दिया गया था।
बताया जा रहा है कि 23 जुलाई को फेकन ने पैर में तेज दर्द की शिकायत की। इसके बाद 24 जुलाई को उसे दोबारा सीतामढ़ी सदर अस्पताल के कैदी वार्ड में भर्ती कराया गया। अस्पताल का कैदी वार्ड ग्राउंड फ्लोर पर स्थित है और उसका मुख्य गेट बंद रहता है। इसके बावजूद फेकन ने बाथरूम के वेंटिलेटर को तोड़कर बाहर निकलने का रास्ता बना लिया और अस्पताल के पीछे की ओर से फरार हो गया।
घटना की जानकारी मिलते ही अस्पताल और पुलिस प्रशासन में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस ने तत्काल अस्पताल परिसर और आसपास के इलाकों में तलाशी अभियान चलाया, लेकिन फेकन का कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद जिले की सीमाओं पर भी चौकसी बढ़ा दी गई है और विभिन्न थानों को अलर्ट जारी किया गया है।
एसपी अमित रंजन ने इस सुरक्षा चूक को गंभीर लापरवाही मानते हुए ड्यूटी पर तैनात पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। साथ ही पूरे मामले की विभागीय जांच के आदेश भी दिए गए हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फरार अपराधी को जल्द गिरफ्तार करने के लिए विशेष टीम गठित कर लगातार छापेमारी की जा रही है।
फेकन कुमार का नाम पहले भी कई आपराधिक मामलों में सामने आ चुका है। 1 जुलाई को रीगा थाना क्षेत्र के अनहाड़ी स्थित सेंट्रल बैंक के ग्राहक सेवा केंद्र (सीएसपी) में दिनदहाड़े करीब ₹1.70 लाख की लूट की घटना में भी उसका नाम सामने आया था। आरोप है कि अपाचे बाइक पर सवार तीन बदमाश सीएसपी केंद्र पहुंचे, शटर गिराकर पिस्टल के बल पर संचालक से नकदी लूटकर फरार हो गए थे। पुलिस ने तकनीकी जांच, सीसीटीवी फुटेज और गुप्त सूचना के आधार पर फेकन और उसके साथियों की पहचान की थी।
पुलिस के मुताबिक, लूटकांड के बाद गठित विशेष टीम ने रीगा थाना क्षेत्र में छापेमारी की थी। इसी दौरान फेकन अपने साथियों के साथ पुलिस के हत्थे चढ़ा। पुलिस का दावा है कि गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने फायरिंग की, जिसके जवाब में की गई कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी और उसे गिरफ्तार कर लिया गया था।
फेकन पहले भी विवादों में रह चुका है। कुछ समय पहले वह फेसबुक पर दोस्ती हुई एक शादीशुदा महिला से मिलने उसके मायके पहुंच गया था। ग्रामीणों को इसकी जानकारी मिली तो उन्होंने उसे पकड़कर बिजली के खंभे से बांध दिया और जमकर पिटाई की थी। उस घटना का वीडियो और तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुई थीं।
अब अस्पताल से फरार होने की घटना ने एक बार फिर पुलिस और अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। चार पुलिस जवानों की मौजूदगी में एक घायल कैदी का इस तरह फरार हो जाना सुरक्षा व्यवस्था की बड़ी चूक माना जा रहा है। पुलिस का कहना है कि फरार अपराधी की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है और जल्द ही उसे दोबारा गिरफ्तार कर लिया जाएगा। वहीं, पूरे मामले की जांच जारी है और यदि अन्य किसी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।