सीतामढ़ी मर्डर न्यूज: बिहार के सीतामढ़ी जिले में शनिवार सुबह हुई जिला पार्षद के पति की हत्या के बाद पुलिस की कार्यशैली को लेकर सवाल उठने लगे हैं. डुमरा थाना क्षेत्र के केथरिया गांव में जिला परिषद क्षेत्र संख्या-13 की सदस्य खुश्दिल देवी के पति बैद्यनाथ महतो की बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी. बताया जा रहा है कि बैद्यनाथ महतो सुबह टहलने के लिए अपने घर से निकले थे. इसी दौरान बदमाशों ने उन्हें निशाना बनाते हुए ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं.
गोली लगने के बाद बैद्यनाथ महतो की मौके पर ही मौत हो गई. घटना की जानकारी मिलते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई. देखते ही देखते बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर जुट गए. हत्या की इस वारदात के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश है और पुलिस की कार्यशैली को लेकर कई सवाल खड़े किए जा रहे हैं.
तीन दिन पहले ही थाना परिसर में हुआ था प्रदर्शन
बैद्यनाथ महतो की हत्या ऐसे वक्त हुई है, जब महज तीन दिन पहले ही ग्रामीणों ने डुमरा थाना पहुंचकर प्रदर्शन किया था. 8 सितंबर को सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण थाना परिसर के बाहर पहुंचे थे. लोगों ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए 28 अगस्त की रात जिला पार्षद के आवास पर हुई गोलीबारी के मामले में आरोपितों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की थी.
ग्रामीणों का आरोप था कि जिला पार्षद के आवास पर गोलीबारी जैसी गंभीर घटना के बावजूद अब तक मुख्य आरोपितों की गिरफ्तारी नहीं की गई. उनका कहना था कि समय रहते पुलिस कार्रवाई नहीं होने से इलाके में अपराधियों का मनोबल बढ़ रहा है और आम लोगों के बीच भय का माहौल बना हुआ है. अब इसी प्रदर्शन के सिर्फ तीन दिन बाद जिला पार्षद के पति की हत्या ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है.
28 अगस्त की रात पार्षद आवास पर हुई थी गोलीबारी
ग्रामीणों और परिजनों की ओर से दिए गए आवेदन के मुताबिक, 28 अगस्त की रात करीब 1:15 बजे जिला पार्षद के आवास पर गोलीबारी की घटना हुई थी. बताया गया कि परिवार के सदस्य घर के अंदर सो रहे थे. इसी दौरान अचानक गोलियां चलने की आवाज सुनाई दी.
आवेदन में कहा गया था कि आवाज सुनकर जब परिजन बाहर निकले तो कुछ लोगों को मोटरसाइकिल से भागते हुए देखा गया. आरोप है कि घटना से पहले करीब आठ-दस लोग शराब के नशे में गाली-गलौज कर रहे थे. विरोध करने पर कथित तौर पर गोलीबारी की गई.घटना की सूचना तत्काल डुमरा थाना और 112 नंबर पर दी गई थी. सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का जायजा लिया था. इसके बाद ग्रामीणों की ओर से आरोपितों की गिरफ्तारी की मांग लगातार की जा रही थी.
प्रदर्शन के तीन दिन बाद हत्या से बढ़ी चिंता
8 सितंबर को ग्रामीणों ने थाना पहुंचकर पुलिस से कार्रवाई की मांग की थी. उस समय लोगों ने कथित गोलीबारी के मामले में आरोपितों की गिरफ्तारी नहीं होने पर नाराजगी जताई थी. ग्रामीणों का कहना था कि अगर पहले की घटना में समय रहते प्रभावी कार्रवाई होती तो अपराधियों के हौसले नहीं बढ़ते.
अब बैद्यनाथ महतो की हत्या के बाद ग्रामीणों के इन आरोपों ने एक बार फिर पुलिस की कार्रवाई पर सवाल खड़े कर दिए हैं. हालांकि, यह ग्रामीणों और स्थानीय लोगों के आरोप हैं. इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है और पुलिस का आधिकारिक पक्ष भी सामने आना अभी बाकी है.
सुबह-सुबह हत्या से इलाके में सनसनी
बैद्यनाथ महतो की हत्या सुबह के समय की गई, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई. घटना के बाद बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए. पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है. हत्या के पीछे की वजह क्या है, बदमाशों की संख्या कितनी थी और वारदात को किस तरह अंजाम दिया गया, इन तमाम बिंदुओं पर पुलिस जांच कर रही है.
घटना के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश का माहौल है. ग्रामीणों की नजर अब पुलिस की कार्रवाई पर है. लोगों की मांग है कि हत्या में शामिल बदमाशों की जल्द पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाए और वारदात के पीछे की पूरी साजिश का खुलासा किया जाए.
पुलिस के सामने चुनौती, आरोपितों की गिरफ्तारी पर नजर
डुमरा थाना क्षेत्र में हुई इस हत्या के बाद पुलिस प्रशासन के सामने कानून-व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती बढ़ गई है. खासकर इसलिए कि हत्या से कुछ दिन पहले ही ग्रामीण पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन कर चुके थे. स्थानीय लोगों की नाराजगी के बीच अब पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती हत्या के आरोपितों तक पहुंचना और वारदात के कारणों का खुलासा करना है. फिलहाल पुलिस की जांच जारी है. हमलावरों की पहचान और हत्या की वजह को लेकर आधिकारिक जानकारी का इंतजार है.
जिला पार्षद के पति की हत्या और इससे पहले पार्षद आवास पर हुई कथित गोलीबारी की घटनाओं को लेकर इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं हैं. हालांकि, इन दोनों घटनाओं के बीच सीधा संबंध है या नहीं, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा.