SAMASTIPUR: अगर कोई पुल इतना खतरनाक है कि आम आदमी को उस पर चलने नहीं दिया जा सकता, तो फिर उसी पुल पर मंत्रियों का पूरा काफिला कैसे फर्राटे से दौड़ गया? और अगर पुल सुरक्षित है, तो फिर हजारों लोगों को रोज कई किलोमीटर का चक्कर काटने के लिए क्यों मजबूर किया जा रहा है? समस्तीपुर में यही सवाल अब सरकार का पीछा कर रहा है।
जिस पुल पर पिछले कई दिनों से 'मरम्मत कार्य' का बोर्ड लगाकर आम जनता का प्रवेश बंद कर दिया गया है, उसी पुल को रविवार को अचानक वीआईपी कॉरिडोर में बदल दिया गया। बैरिकेड हटे, रास्ता साफ हुआ और पथ निर्माण मंत्री ई. शैलेन्द्र कुमार की गाड़ी समेत डेढ़ दर्जन से अधिक सरकारी वाहनों का काफिला उसी पुल से आराम से गुजर गया। आम लोग देखते रह गये।
समस्तीपुर शहर के पुल का हाल बेहाल
ये पुल समस्तीपुर शहर का है. सरकार ने इसे जर्जर घोषित कर रखा है और पुल पर आम लोगों का आवागमन महीनों से बंद है. नतीजा ये हो रहा है कि बाइक सवारों को भी एसडीओ ऑफिस से चीनी मिल चौक तक पहुंचने के लिए तीन किलोमीटर से ज्यादा का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ रहा है। वहीं चारपहिया वाहनों को करीब छह से सात किलोमीटर तक की ज्यादा दूरी तय करनी पड़ रही है। हर रोज लोगों का समय और ईंधन दोनों खर्च हो रहा है।
पुल का जायजा लेने मंत्री पहुंचे
रविवार को पथ निर्माण मंत्री का काफिला पुल पर पहुंचा तो आम लोगों में उम्मीदें जगीं. उन्हें लगा कि मंत्री पुल का जायजा लेंगे और मरम्मत कार्य की वास्तविक स्थिति को समझेंगे। इसके साथ ही पुल के जल्द चालू होने का ऐलान करे.
जर्जर घोषित पुल पर दौड़ी मंत्री की गाड़ी
मंत्री शैलेंद्र कुमार पुल पर उतरे भी, लेकिन चंद कदम चलने के बाद वापस अपनी गाड़ी में सवार हो गए। इसके बाद उनका काफिला तेज रफ्तार में पुल पार कर गया। मंत्री शैलेंद्र कुमार के काफिले में डेढ़ दर्जन से ज्यादा गाड़ियां थीं. उन तमाम गाड़ियों के पुल से गुजरने के बाद लोगों के बीच चर्चा होने लगी कि जब पुल पर इतने वाहनों का काफिला गुजर सकता है तो आम लोगों को अभी भी इस रास्ते से गुजरने की अनुमति क्यों नहीं है।
आम लोग भारी परेशान
पुल के बंद होने के कारण लोगों को कई किलोमीटर का चक्कर लगाना पड़ रहा है।बाइक से लेकर चारपहिया वाहन कई किलोमीटर ज्यादा दूरी तय करनी पड़ रही है. पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों के कारण ये जेब पर भी भारी पड़ रही है। लोगों का कहना है कि पुल बंद होने से रोजमर्रा की जिंदगी भी मुश्किल हो गई है। समय पर कार्यालय पहुंचना, बाजार, अस्पताल या किसी दूसरे जरूरी काम से शहर आना-जाना परेशानी का कारण बन गया है ।
मंत्री ने किया ऐलान
वैसे पुल के निरीक्षण के बाद पथ निर्माण विभाग के मंत्री शैलेन्द्र कुमार ने कहा कि मंत्री बनने के बाद वे पहली बार यहां पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि पुल की मरम्मत की मांग काफी दिनों से की जा रही थी, अब ये काम होने वाला है। 15 अगस्त से पुल को आम लोगों के लिए खोल दिया जाएगा।