Bihar Health News: समस्तीपुर के हसनपुर बाजार स्थित एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान 30 वर्षीय महिला की मौत हो गई. घटना के बाद आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया और तोड़फोड़ की. परिजनों ने अस्पताल के डॉक्टरों और कर्मचारियों पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है. सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी.


मृतका की पहचान बिथान थाना क्षेत्र के धोबौलिया गांव निवासी कैलाश साह की पत्नी राजकुमारी देवी के रूप में हुई है. बताया गया कि बुधवार को राजकुमारी देवी का प्रसव हसनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में हुआ था. इसके बाद गुरुवार को अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई.


तबीयत खराब होने पर निजी अस्पताल ले गए परिजन

परिजनों के अनुसार, गुरुवार को राजकुमारी देवी की तबीयत बिगड़ने के बाद ग्रामीण चिकित्सक सुजीत कुमार की सलाह पर उन्हें हसनपुर बाजार के इमली चौक स्थित सवेरा अस्पताल ले जाया गया. यहां अस्पताल में उनका इलाज शुरू किया गया.


मृतका के पति कैलाश साह का आरोप है कि अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी पत्नी को एक इंजेक्शन दिया गया. इंजेक्शन दिए जाने के करीब पांच मिनट बाद ही उनकी हालत बिगड़ गई और उनकी मौत हो गई.


महिला की मौत की खबर मिलते ही अस्पताल में मौजूद परिजन और अन्य लोग आक्रोशित हो गए. स्वजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया. इस दौरान अस्पताल परिसर में तोड़फोड़ भी की गई.


परिजनों का कहना है कि राजकुमारी देवी की हालत इतनी गंभीर नहीं थी कि इलाज के दौरान अचानक उनकी मौत हो जाए. इसी बात को लेकर उन्होंने अस्पताल के डॉक्टरों और कर्मचारियों से जवाब मांगा.


अस्पताल में हंगामे की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया. पुलिस ने पूरे मामले की जानकारी ली और घटना की जांच शुरू कर दी है.


फिलहाल महिला की मौत के वास्तविक कारणों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. पुलिस मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है. वहीं, अस्पताल प्रबंधन की ओर से लगाए गए आरोपों पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.