ब्रेकिंग न्यूज़

युवक की संदिग्ध मौत से हड़कंप, कई लोग अस्पताल में इलाजरत; जहरीली शराब पीने से मौत की आशंका युवक की संदिग्ध मौत से हड़कंप, कई लोग अस्पताल में इलाजरत; जहरीली शराब पीने से मौत की आशंका पूर्णिमा का स्नान बना मातम… बिहार में गंगा स्नान के दौरान डूबने से एक महिला की मौत, दो अब भी लापता BIHAR BHUMI : विजय कुमार सिन्हा का बड़ा ऐलान, कहा -अगले चरण में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा होगा खत्म, इनलोगों पर होगा इस तरह से एक्शन छपरा में विजय सिन्हा का भूमि सुधार जन कल्याण संवाद कार्यक्रम, डिप्टी सीएम ने सुनी लोगों की समस्याएं छपरा में विजय सिन्हा का भूमि सुधार जन कल्याण संवाद कार्यक्रम, डिप्टी सीएम ने सुनी लोगों की समस्याएं BIHAR NEWS : छपरा जनसंवाद में भड़के डिप्टी CM विजय सिन्हा! गलत जमाबंदी और अवैध कब्जे पर दिए सख्त आदेश, कहा - सीधे FIR करें इंतजार की घड़ियां खत्म: इस दिन जारी हो सकता है CBSE 10th का रिजल्ट, आ गई संभावित डेट; जानिए.. इंतजार की घड़ियां खत्म: इस दिन जारी हो सकता है CBSE 10th का रिजल्ट, आ गई संभावित डेट; जानिए.. PMCH को डबल डेकर फ्लाइओवर से मिलेगा सीधा कनेक्शन, मल्टी लेवल पार्किंग से बढ़ेगी सुविधा

Home / bihar / बिहार के सरकारी बाबूओं को झटका, जल्द प्रमोशन मिलने के आसार नहीं

बिहार के सरकारी बाबूओं को झटका, जल्द प्रमोशन मिलने के आसार नहीं

11-Dec-2019 08:28 AM

PATNA: बिहार सरकार के कर्मियों को झटका लगा है. राज्य सरकार के अधिकारियों-कर्मचारियों को जल्द प्रमोशन मिलने के आसार नहीं है. बिहार सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका पर कोई फैसला नहीं हो पाया है. बिहार समेत कई राज्य सरकारों की याचिका पर मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में एक साथ सुनवाई हुई. सुप्रीम कोर्ट में कुछ देर की बहस के बाद कोर्ट ने अगली तारीख दे दी.


हालांकी सरकार के लिए थोड़ी राहत की बात है ये है कि सुप्रीम कोर्ट 23 दिसम्बर को उसके इंटरवेशन पीटिशन पर सुनवाई करेगा. अब बिहार सरकार के कर्मियों की नजर अगली सुनवाई पर टिकी है. आपको बता दें कि 7 महीने से राज्य सरकार की सेवाओं में अधिकारियों-कर्मचारियों को प्रमोशन नहीं मिल रहा है. पटना हाईकोर्ट के आदेश के बाद बिहार सरकार ने 11 अप्रैल को विभागीय प्रोन्नति समिति (डीपीसी) की बैठक पर रोक लगाने का संकल्प जारी किया था. उसी वक्त से प्रमोशन रूका हुआ है. रोक से पहले राज्य में प्रोन्नति में आरक्षण के नियम का पालन करते हुए प्रमोशन दिए जा रहे थे. अगर कोर्ट से राज्य सरकार को संकल्प वापस लेने की मंजूरी मिलती है तो प्रमोशन में आरक्षण की पुरानी व्यवस्था के तहत ही प्रमोशन दिए जाएंगे. 


आपको बता दें कि पटना हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ बिहार सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दायर की थी. इसमें पटना हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगाने और प्रोन्नति से जुड़े मामले की सुनवाई की अपील की गई थी. सुप्रीम कोर्ट ने इस पर सुनवाई की और यथास्थिति बहाल रखने का आदेश जारी किया. कोर्ट जाने से पहले राज्य सरकार ने अप्रैल में विभागीय प्रोन्नति समिति की बैठकों पर रोक लगा दी थी. जिससे बिहार सरकार की सेवाओं के अधीन तमाम पदों पर प्रमोशन रुक गई. डीपीसी की बैठक पर रोक के अपने ही आदेश को हटाने के लिए बिहार सरकार दोबारा से सुप्रीम कोर्ट पहुंची है.