Bihar News: बिहार के सारण जिले के पानापुर अंचल में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर पुश्तैनी जमीन का दाखिल-खारिज कराने का गंभीर मामला सामने आया है। इस मामले में तत्कालीन अंचलाधिकारी (CO), राजस्व पदाधिकारी (RO) और राजस्व कर्मचारी समेत कई लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। आरोप है कि अधिकारियों और अन्य लोगों की मिलीभगत से फर्जी केवाला तैयार कर करोड़ों की पुश्तैनी जमीन की जमाबंदी करा ली गई।
इस मामले में गोपालगंज जिले के बैकुंठपुर थाना क्षेत्र के मटियाड़ी गांव निवासी आशीष कुमार वर्मा ने पानापुर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है। दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, पानापुर अंचल के सेमराहा मौजा स्थित खाता संख्या 80 और खेसरा संख्या 912 एवं 913 की कुल 91.92 डिसमिल पुश्तैनी जमीन का कथित तौर पर फर्जी केवाला तैयार किया गया। आरोप है कि बच्चा राय ने दाखिल-खारिज वाद संख्या 1321/2019-20 के तहत इस जमीन की जमाबंदी अपने नाम करा ली।
प्राथमिकी में बताया गया है कि बाद में उक्त जमीन में से 18.595 डिसमिल हिस्सा 4 जून 2025 को हरेंद्र राय के नाम रजिस्ट्री कर दिया गया। आवेदक ने इस पूरे मामले में तत्कालीन अंचलाधिकारी रणधीर प्रसाद, राजस्व पदाधिकारी (RO) राजीव कुमार पांडेय और राजस्व कर्मचारी काशीनाथ साह समेत अन्य लोगों की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। आवेदक का आरोप है कि इन सभी की मिलीभगत से कथित फर्जी दस्तावेज के आधार पर जमीन का दाखिल-खारिज कराया गया।
आवेदक के अनुसार, निबंधन कार्यालय से कराई गई जांच में कथित केवाला में अनियमितता सामने आई थी। इसके बाद वर्तमान अंचलाधिकारी अजय कुमार ने 15 अक्टूबर 2026 को पत्रांक 1270 के माध्यम से मामले में प्रथम दृष्टया संज्ञेय अपराध प्रतीत होने का उल्लेख करते हुए प्राथमिकी दर्ज कराने की अनुशंसा की थी। इसी के बाद आवेदक ने स्थानीय थाने में मामला दर्ज कराया।
आशीष कुमार वर्मा ने पुलिस प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और आरोपितों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। इसके साथ ही उन्होंने विवादित जमीन पर अवैध कब्जा रोकने और अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी अपील की है। इस संबंध में थानाध्यक्ष संजीत कुमार ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और पुलिस मामले की जांच कर रही है। जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।