Bihar News: बिहार में शराबबंदी लागू है, लेकिन जमीनी हकीकत अक्सर कुछ और ही कहानी बयां करती नजर आती है. हालत यह है कि गांव से लेकर शहर तक कहीं न कहीं शराब बरामद होने की खबरें लगातार सामने आती रहती हैं. प्रशासन लाख सख्ती के दावे करे, लेकिन तस्कर नए-नए तरीके अपनाकर शराब की सप्लाई में जुटे हुए हैं. अब ताजा मामला छपरा जंक्शन से सामने आया है, जहां ट्रेन के महिला कोच में रखे एक लावारिस बैग ने शराबबंदी की पोल खोलकर रख दी.


जानकारी के अनुसार रेलवे सुरक्षा बल (RPF) की CPDS टीम, आरपीएफ पोस्ट छपरा और सीआईबी/जीआरपी की संयुक्त टीम स्टेशन पर निगरानी अभियान चला रही थी. इसी दौरान गाड़ी संख्या 05096 के छपरा जंक्शन पहुंचने के बाद अधिकारियों की नजर महिला कोच में रखे दो संदिग्ध लावारिस बैग पर पड़ी.


बताया जा रहा है कि महिला कोच की सीट संख्या 074081 के नीचे दो काले रंग के पिट्ठू बैग पड़े हुए थे. काफी देर तक किसी यात्री के सामने नहीं आने पर सुरक्षा बल ने बैग की जांच शुरू की. जब बैग खोला गया तो अंदर का नजारा देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए.


तलाशी के दौरान बैग से भारी मात्रा में विदेशी और देशी शराब बरामद की गई. बरामद शराब में 500 एमएल वाले 28 कैन बडवाइजर मैग्नम बीयर और 200 एमएल वाले 50 पाउच बंटी-बबली देशी शराब शामिल थे. कुल मिलाकर करीब 24 लीटर शराब जब्त की गई, जिसकी अनुमानित कीमत 7,230 रुपये बताई जा रही है.


सबसे बड़ी बात यह है कि शराब किसने रखी थी और इसे कहां पहुंचाया जाना था, इसका अब तक पता नहीं चल सका है. शराब मिलने के बाद पूरे कोच की जांच की गई, लेकिन कोई संदिग्ध व्यक्ति हाथ नहीं लग सका. इससे आशंका जताई जा रही है कि तस्कर पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों से बचने के लिए शराब को लावारिस छोड़कर फरार हो गए.


घटना के बाद बरामद शराब को जब्त कर आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए जीआरपी छपरा को सौंप दिया गया है. अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि शराब की यह खेप कहां से लाई गई थी और इसका असली मालिक कौन है.


रेलवे स्टेशन पर हुई इस कार्रवाई के बाद एक बार फिर बिहार में शराब तस्करी के नेटवर्क पर सवाल खड़े हो गए हैं. शराबबंदी के बावजूद लगातार हो रही बरामदगी यह बताती है कि तस्कर अब भी सक्रिय हैं और विभिन्न रास्तों से शराब की सप्लाई करने की कोशिश कर रहे हैं.