Bihar News: छपरा जिले में चमकी बुखार (एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम) और जापानी इंसेफेलाइटिस के खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने बड़ा जागरूकता अभियान शुरू कर दिया है. गांव-गांव रात्रि चौपाल लगाकर लोगों को बीमारी के लक्षण, बचाव और समय पर इलाज की जानकारी दी जा रही है. स्वास्थ्य विभाग का लक्ष्य है कि जिले का कोई भी बच्चा इस गंभीर बीमारी की चपेट में न आए.
स्वास्थ्य विभाग की पहल पर रिविलगंज प्रखंड समेत कई ग्रामीण इलाकों में रात के समय जागरूकता चौपाल का आयोजन किया जा रहा है. इसमें बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हो रहे हैं और चमकी बुखार से जुड़ी जरूरी जानकारियां ले रहे हैं.
कार्यक्रम के दौरान प्रोजेक्टर के माध्यम से लोगों को जागरूकता फिल्म दिखाई जा रही है. आसान भाषा और वीडियो के जरिए बच्चों में होने वाली इस बीमारी के लक्षण और बचाव के तरीके समझाए जा रहे हैं, जिससे ग्रामीणों को जानकारी आसानी से मिल सके.
कचनार गांव में आयोजित जागरूकता कार्यक्रम का नेतृत्व पंचायत के मुखिया सह सीएचओ-पीएसपी सदस्य नागेंद्र कुमार राम और सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी शिवा मेहता ने किया. इस अभियान में जीविका समूह, आशा कार्यकर्ता और पीएसपी सदस्यों ने भी सहयोग किया. चौपाल में महिलाएं, पुरुष और बच्चे बड़ी संख्या में शामिल हुए.
ग्रामीणों में जागरूकता को लेकर उत्साह इतना रहा कि कई महिलाएं किसी कारण से चौपाल तक नहीं पहुंच सकीं, लेकिन उन्होंने अपने घरों की छतों से भी कार्यक्रम देखा और बीमारी से बचाव की जानकारी ली.
स्वास्थ्य कर्मियों ने अभिभावकों को चमकी बुखार से बचाव के जरूरी उपाय बताए. उन्होंने कहा कि बच्चों को खाली पेट नहीं सुलाना चाहिए और रात में समय-समय पर उनकी स्थिति पर नजर रखनी चाहिए. तेज बुखार, शरीर में ऐंठन, बेहोशी या कोई असामान्य लक्षण दिखाई देने पर तुरंत अस्पताल ले जाना चाहिए.
बीमारी के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने हाईटेक जागरूकता रथ भी शुरू किया है. यह वाहन गांव-गांव जाकर ऑडियो और वीडियो के माध्यम से लोगों को चमकी बुखार और जापानी इंसेफेलाइटिस से बचाव के तरीके बता रहा है.
इस जागरूकता रथ में जीपीएस सिस्टम भी लगाया गया है, जिससे इसकी निगरानी की जा रही है. वाहन के जरिए लोगों को बीमारी के लक्षण, इलाज में देरी के नुकसान और बचाव के उपायों की जानकारी दी जा रही है.