Bihar Education News: बिहार के सारण जिले में सरकारी विद्यालयों के शिक्षकों के वेतन भुगतान में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी का मामला सामने आया है। वेतन विपत्रों की जांच के दौरान सरकारी राशि के कथित गबन और फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) निशांत किरण ने दो शिक्षिकाओं के खिलाफ कार्रवाई की है। इनमें एक शिक्षिका को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है, जबकि दूसरी के निलंबन की अनुशंसा की गई है। दोनों मामलों में खैरा थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।
जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय से जारी आदेश के अनुसार, शिक्षकों के वेतन भुगतान की समीक्षा के दौरान दिसंबर 2025 के वेतन विपत्र में अनियमितता सामने आई। जांच में नगरा प्रखंड और जलालपुर प्रखंड की दो शिक्षिकाओं के बैंक खातों में कथित रूप से फर्जी तरीके से सरकारी राशि ट्रांसफर किए जाने का मामला उजागर हुआ।
मामले में नगरा प्रखंड के प्राथमिक विद्यालय अफौर हरिजन में कार्यरत विशिष्ट शिक्षिका सुनीता कुमारी की प्रथम दृष्टया संलिप्तता सामने आई है। जांच में पाया गया कि उनके बैंक खाते में तीन विद्यालयों के नाम पर वेतन की राशि का भुगतान किया गया था।
जिला शिक्षा पदाधिकारी ने इसे सरकारी राशि के गबन, धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश से जुड़ा मामला माना है। इस संबंध में जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना) के आवेदन पर 14 अक्टूबर 2026 को खैरा थाना कांड संख्या 348/2026 के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी।
सुनीता कुमारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय प्रखंड संसाधन केंद्र, मांझी निर्धारित किया गया है।इसी मामले से जुड़े दूसरे प्रकरण में जलालपुर प्रखंड के मध्य विद्यालय अनवल की शिक्षिका मनोरमा कुमारी के बैंक खाते में फर्जी तरीके से सरकारी राशि ट्रांसफर किए जाने का मामला सामने आया है।
जांच के अनुसार, उनके खाते में 2,01,415 रुपये की सरकारी राशि अंतरित की गई थी। जिला शिक्षा पदाधिकारी ने इसे सरकारी राशि के गबन और दुरुपयोग का मामला बताते हुए उनके खिलाफ भी कार्रवाई की है। शिक्षिका के विरुद्ध निलंबन की अनुशंसा संबंधित प्रखंड शिक्षक नियोजन इकाई से की गई है।
जिला शिक्षा पदाधिकारी ने सुनीता कुमारी के खिलाफ विभागीय कार्यवाही भी शुरू कर दी है। जांच के लिए जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (समग्र शिक्षा) को संचालन पदाधिकारी और प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, नगरा को प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी नियुक्त किया गया है। शिक्षिका को आरोप-पत्र प्राप्त होने के 15 दिनों के भीतर संबंधित साक्ष्यों के साथ अपना बचाव पक्ष प्रस्तुत करना होगा।