Bihar Road Accident : सावन में बाबा बैद्यनाथ धाम की पूजा-अर्चना और जलाभिषेक के बाद घर लौट रहे श्रद्धालुओं के लिए गुरुवार का सफर जिंदगी का आखिरी सफर बन गया। पटना जिले के फतुहा में हुए भीषण सड़क हादसे में सारण के कासिमपुर गांव के दो कांवरियों की मौत हो गई। शुक्रवार को जब दोनों के शव गांव पहुंचे तो पूरे इलाके में मातम छा गया। स्वजन की चीख-पुकार से माहौल गमगीन हो उठा।

जानकारी के अनुसार, अमनौर थाना क्षेत्र के कासिमपुर गांव से करीब 30 श्रद्धालु एक बस से बाबा बैद्यनाथ धाम गए थे। सावन के अवसर पर सभी ने बाबा धाम में दर्शन-पूजन किया और जलाभिषेक किया। पूजा संपन्न होने के बाद श्रद्धालुओं का दल बस से वापस अपने गांव लौट रहा था। किसी को अंदाजा नहीं था कि रास्ते में एक दर्दनाक हादसा उनका इंतजार कर रहा है।

फतुहा के पास हाइड्रा ने बस में मारी जोरदार टक्कर

गुरुवार, 13 अगस्त को श्रद्धालुओं की बस फतुहा के समीप पहुंची थी। इसी दौरान एक अनियंत्रित हाइड्रा ने बस में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बस में सवार यात्रियों के बीच अफरा-तफरी मच गई। बताया गया कि हादसे के समय कुछ श्रद्धालु बस की छत पर भी बैठे हुए थे। हाइड्रा की टक्कर की चपेट में बस की छत पर बैठे दो श्रद्धालु आ गए। दोनों गंभीर रूप से घायल हुए और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे की सूचना मिलते ही आसपास मौजूद लोगों में भी हड़कंप मच गया। मृतकों की पहचान कासिमपुर गांव निवासी 60 वर्षीय राजदेव भगत और 30 वर्षीय पूजन राय के रूप में हुई है। दोनों की मौत की खबर जैसे ही गांव पहुंची, परिवारों में कोहराम मच गया।

पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा

हादसे की सूचना मिलने के बाद खुसरूपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद शुक्रवार को शव गांव लाए गए। शवों के गांव पहुंचते ही स्वजन का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। अंतिम दर्शन के लिए ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। जिस गांव में कुछ दिन पहले सावन और बाबा धाम की यात्रा को लेकर उत्साह था, वहीं शुक्रवार को हर तरफ सन्नाटा और गम का माहौल दिखाई दिया।

एक परिवार का इकलौता सहारा थे पूजन राय

हादसे में जान गंवाने वाले पूजन राय अपने परिवार के एकमात्र कमाऊ सदस्य थे। उनकी मौत ने परिवार के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा कर दिया है। उनके परिवार में पत्नी शांति देवी, 14 वर्षीय पुत्र भोला और 12 वर्षीय पुत्री प्रीति कुमारी हैं।

स्वजन के अनुसार, परिवार की आर्थिक स्थिति पहले से ही कमजोर थी। रहने के लिए पक्का मकान तक नहीं है। परिवार की रोजमर्रा की जरूरतों और बच्चों की पढ़ाई का जिम्मा भी काफी हद तक पूजन राय के कंधों पर था। उनके अचानक चले जाने से पत्नी और बच्चों के सामने भविष्य को लेकर बड़ा संकट खड़ा हो गया है।

गांव में शोक की लहर

एक ही गांव के दो लोगों की मौत ने पूरे कासिमपुर को झकझोर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि दोनों श्रद्धालु भगवान भोलेनाथ के दर्शन और जलाभिषेक के बाद खुशी-खुशी अपने घर लौट रहे थे, लेकिन सड़क हादसे ने परिवारों की खुशियां छीन लीं।

हादसे के बाद ग्रामीण पीड़ित परिवारों के घर पहुंचकर उन्हें सांत्वना दे रहे हैं। खासकर पूजन राय के परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए लोगों में चिंता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।

सावन में श्रद्धा और आस्था के साथ शुरू हुई यह यात्रा दो परिवारों के लिए कभी न भूलने वाला दुख बन गई। बाबा बैद्यनाथ धाम से लौटते समय हुए इस हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और बस की छत पर यात्रियों के सफर जैसे गंभीर सवालों को सामने ला दिया है।