Bihar Crime News: सहरसा के सलखुआ में एक परिवार पर ऐसा दुख टूटा कि कुछ ही घंटों के अंतराल में घर से मां और बेटे की अर्थी उठ गई. शनिवार को मारपीट में जान गंवाने वाले 45 वर्षीय अर्जुन सादा का शव रविवार को पोस्टमार्टम के बाद जब घर पहुंचा तो बेटे का शव देखकर 80 वर्षीय मां पविया देवी सदमा बर्दाश्त नहीं कर सकीं. बेटे के शव के पास पहुंचते ही वह बेसुध होकर गिर पड़ीं और कुछ ही देर बाद उनकी मौत हो गई.
मामला सलखुआ प्रखंड के चिड़ैया थाना क्षेत्र की चानन पंचायत के सहुरिया गांव स्थित हनुमान टोला का है. रविवार को अर्जुन सादा का शव घर पहुंचते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई. परिजन अंतिम दर्शन के लिए शव के पास जुटे थे. इसी दौरान लाठी के सहारे चलने वाली पविया देवी भी अपने बेटे को देखने पहुंचीं. बेटे का शव देखते ही वह दहाड़ मारकर रोने लगीं और अचानक अचेत होकर गिर पड़ीं.
परिजनों ने उन्हें संभालने की कोशिश की, लेकिन तब तक उनकी सांसें थम चुकी थीं. एक ओर बेटे की मौत का गम था और दूसरी ओर मां की मौत से परिवार में मातम और गहरा गया.
एक ही आंगन से उठीं दो अर्थियां
पविया देवी की मौत के बाद परिवार के सामने एक साथ दो शवों के अंतिम संस्कार की स्थिति आ गई. रविवार को एक ही आंगन से मां और बेटे की अर्थी उठी. दोनों का अंतिम संस्कार श्मशान घाट पर एक साथ किया गया.
मां और बेटे की एक साथ अंतिम यात्रा देखकर ग्रामीणों की आंखें नम हो गईं. गांव में मातमी सन्नाटा पसरा रहा. घटना के बाद कई घरों में चूल्हे तक नहीं जलने की बात सामने आई है.
अर्जुन सादा अपने पीछे चार बेटियां और दो बेटे छोड़ गए हैं. पिता और दादी की मौत से बच्चों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है.
राशन वितरण के दौरान हुआ था विवाद
बताया जाता है कि पांच सितंबर को सहुरिया के वार्ड संख्या 13 स्थित हनुमान टोला में राशन वितरण के दौरान ई-पॉस मशीन पर अंगूठा लगाने को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद हुआ था. पूर्व से चली आ रही रंजिश के कारण विवाद बढ़ गया और दोनों पक्षों में लाठी-डंडे से मारपीट शुरू हो गई.
मारपीट में कोकराहां टोल निवासी हरिलाल सादा के पुत्र अर्जुन सादा गंभीर रूप से घायल हो गए थे. बाद में उनकी मौत हो गई. घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की.
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक विक्रम सिहाग के निर्देश पर सिमरी बख्तियारपुर के एसडीपीओ निशीकांत भारती के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई. पुलिस ने वैज्ञानिक अनुसंधान और गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए घटना के 24 घंटे के भीतर तीन मुख्य नामजद आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया.
मृतक के भाई अरविंद सादा के लिखित आवेदन के आधार पर चिड़ैया थाने में छह महिलाओं समेत कुल 20 नामजद आरोपितों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है. मामले में गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपितों से पूछताछ की जा रही है, जबकि अन्य नामजद आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है.
छापेमारी टीम में चिड़ैया थानाध्यक्ष पुअनि इंद्रजीत कुमार तांती, पुअनि प्रेमचंद्र चौधरी, सअनि सुबोध कुमार सिंह सहित सशस्त्र बल के जवान शामिल थे.