सहरसा: बिहार में अपराधियों के हौसले किस कदर बुलंद हैं, इसकी एक बानगी सहरसा जिले के सोनवर्षाराज में देखने को मिली। यहां फरार आरोपी को गिरफ्तार करने पहुंची पुलिस टीम पर लोगों की भीड़ ने हमला कर दिया। हमलावरों ने पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट की, उनकी वर्दी फाड़ दी और एक पुलिस पदाधिकारी की सरकारी पिस्टल छीनने तक की कोशिश की। इतना ही नहीं, पुलिस की गिरफ्त में आए आरोपी को भी हमलावर छुड़ाकर अपने साथ ले गए। अचानक हुए इस हमले से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।

घटना सोनवर्षाराज बाजार के दक्षिण टोला स्थित वार्ड संख्या 16 की है। यहां पुलिस एक फरार प्राथमिकी आरोपित को पकड़ने पहुंची थी। पुलिस को उम्मीद थी कि आरोपी को आसानी से गिरफ्तार कर लिया जाएगा, लेकिन मौके पर जो हुआ, उसने पुलिस टीम को भी मुश्किल में डाल दिया।

पुराने अस्पताल के पास दुकान में बैठा था फरार आरोपी

पुलिस के आवेदन के मुताबिक, पुलिस टीम सशस्त्र बल के साथ इलाके में गश्ती कर रही थी। इसी दौरान सूचना मिली कि कांड संख्या 144/26 का फरार प्राथमिकी आरोपित डिम्पल विश्वास उर्फ धीरेंद्र विश्वास सोनवर्षाराज बाजार में पुराने अस्पताल के पास एक दुकान में बैठा हुआ है।

सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और आरोपी को गिरफ्तार करने की कोशिश की। शुरुआत में कार्रवाई सामान्य लग रही थी, लेकिन जैसे ही आरोपी को पकड़ने का प्रयास किया गया, उसने शोर मचाना शुरू कर दिया। आरोप है कि उसने अपने घर और आसपास के लोगों को मौके पर बुला लिया। इसके बाद देखते ही देखते वहां भीड़ जुट गई और पुलिस टीम को निशाना बनाया जाने लगा।

लाठी-डंडे, थप्पड़ और मुक्कों से पुलिसकर्मियों की पिटाई

पुलिस के आवेदन में आरोप लगाया गया है कि बीरबल कुमार, प्रमोद विश्वास उर्फ मल्लू, हनी विश्वास, गौतम विश्वास, इंदल विश्वास, दिनेश विश्वास, सुरेन विश्वास, सोनू विश्वास, अनिता देवी, मनीषा कुमारी और गंगो देवी समेत आठ-दस अज्ञात महिला-पुरुषों ने पुलिस टीम पर हमला कर दिया।

हमलावरों ने लाठी-डंडों, थप्पड़ों और मुक्कों से पुलिसकर्मियों की पिटाई की। इस दौरान एक पुलिस पदाधिकारी के बाएं हाथ का अंगूठा मरोड़ दिया गया। वहीं, पुलिसकर्मियों की वर्दी खींचकर फाड़ दी गई। उनकी नेम प्लेट और कलम भी तोड़ दी गई।मामला यहीं नहीं रुका। आरोप है कि हमलावरों ने एक पुलिस पदाधिकारी की सरकारी पिस्टल छीनने का भी प्रयास किया। अगर हथियार छीनने की कोशिश सफल हो जाती तो स्थिति और भी गंभीर हो सकती थी।

पुलिस की गिरफ्त से आरोपी को छुड़ाकर ले गए हमलावर

हमले के दौरान भीड़ ने पुलिस टीम को घेर लिया। इसी अफरातफरी का फायदा उठाकर फरार आरोपी को पुलिस अभिरक्षा से छुड़ा लिया गया। इसके बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। पुलिस के अनुसार, हमलावरों ने पुलिसकर्मियों को धमकी भी दी कि अगर वे दोबारा वहां आए तो उन्हें जान से मार दिया जाएगा। बताया गया कि घटना का वीडियो बनाने के दौरान अनिता देवी पर एक पुलिसकर्मी का मोबाइल फोन छीनकर भागने का भी आरोप है। इस पूरे घटनाक्रम ने पुलिस की कार्रवाई के दौरान कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

एक आरोपी गिरफ्तार, बाकी की तलाश में जुटी पुलिस

घटना के बाद पुलिसकर्मी किसी तरह वहां से निकले और सोनवर्षाराज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर अपना इलाज कराया। मामले में पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।प्रभारी थानाध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि इस मामले में एक आरोपित प्रमोद कुमार उर्फ मल्लू को गिरफ्तार किया गया है। उसे न्यायालय के सुपुर्द कर दिया गया है। पुलिस अब घटना में शामिल अन्य आरोपितों की भूमिका की जांच कर रही है।

फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि फरार आरोपी को पकड़ने गई पुलिस टीम पर हमला कर उसे छुड़ाने वाले बाकी लोग कब तक पुलिस की गिरफ्त में आते हैं। पुलिस पर हमले और सरकारी हथियार छीनने के प्रयास जैसी गंभीर घटनाओं ने इलाके में चर्चा तेज कर दी है।