Bihar News: बिहार के सहरसा जिले में मिड-डे मील में खिचड़ी खाने के बाद कई बच्चों की तबीयत बिगड़ने का मामला सामने आया है। घटना शनिवार को उत्क्रमित मध्य विद्यालय बासुदेवा में हुई। स्थानीय लोगों और स्कूल कर्मियों के अनुसार, बच्चों को परोसी गई खिचड़ी में छिपकली मिलने के बाद फूड प्वाइजनिंग की आशंका जताई जा रही है।



बताया जा रहा है कि विद्यालय में मध्यान्ह भोजन डॉ. भीमराव अंबेडकर दलित उत्थान एवं शिक्षा समिति एनजीओ की ओर से भेजा गया था। स्कूल के रसोइया विद्यानंद मुखिया ने एनजीओ पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनके अनुसार, एनजीओ की ओर से खिचड़ी स्कूल में लाकर रखी गई थी। भोजन में कथित तौर पर पहले से ही छिपकली मौजूद थी, जो बच्चों को खाना परोसे जाने तक दिखाई नहीं दी।



स्कूल में बच्चों ने जैसे ही खिचड़ी खाना शुरू किया, कुछ छात्रों की तबीयत बिगड़ने लगी। इसके बाद बीमार बच्चों को आनन-फानन में इलाज के लिए बरियाही प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और सदर अस्पताल सहरसा भेजा गया। चिकित्सकों की निगरानी में बच्चों का इलाज किया जा रहा है। स्कूल में मौजूद अन्य बच्चों के स्वास्थ्य पर भी नजर रखी जा रही है।



घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीमें सक्रिय हो गईं। शिक्षा विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों ने भी मामले की जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। मौके पर पहुंचे एसडीएम श्रेयांश तिवारी ने बताया कि पूरे मामले की जांच की जा रही है।



घटना के बाद स्थानीय लोगों में काफी आक्रोश है। स्थानीय लोगों की ओर से करीब 30 बच्चों के अस्पताल में भर्ती होने का दावा किया जा रहा है। हालांकि, प्रशासन की ओर से अभी तक बीमार बच्चों की संख्या की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। फिलहाल प्रशासन पूरे मामले की जांच कर रहा है। बच्चों के बीमार होने की वास्तविक वजह और भोजन में छिपकली मिलने के दावे की पुष्टि जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।