Bihar Crime News : बिहार के सहरसा जिले में अपराधियों के बढ़ते दुस्साहस ने एक बार फिर कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। महिषी थाना क्षेत्र में जल संसाधन विभाग के एक जूनियर इंजीनियर पर बदमाशों ने हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। घटना उस समय हुई जब इंजीनियर विभागीय कार्य का निरीक्षण कर वापस लौट रहे थे। बदमाशों ने पहले लूटपाट की कोशिश की और विरोध करने पर उनकी गर्दन पर चाकू से वार कर दिया। इस वारदात के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है।


जानकारी के अनुसार, जल संसाधन विभाग में कार्यरत जूनियर इंजीनियर राजेश कुमार पूर्वी कोशी तटबंध के सरोनी क्षेत्र में चल रहे निर्माण और मरम्मत कार्य का जायजा लेने पहुंचे थे। विभागीय निरीक्षण पूरा करने के बाद वह वापस लौट रहे थे। इसी दौरान सुनसान रास्ते में पहले से घात लगाए बैठे कुछ अपराधियों ने उन्हें रोक लिया। बदमाशों ने उनसे लूटपाट करने की कोशिश की और कीमती सामान छीनने लगे।


बताया जा रहा है कि जब इंजीनियर ने विरोध किया तो अपराधी उग्र हो गए। इसी दौरान एक बदमाश ने धारदार चाकू से उनकी गर्दन पर हमला कर दिया। अचानक हुए हमले से इंजीनियर गंभीर रूप से घायल होकर सड़क किनारे गिर पड़े। वारदात को अंजाम देने के बाद अपराधी मौके से फरार हो गए।


घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों ने घायल इंजीनियर को देखा और तुरंत इसकी सूचना स्थानीय लोगों तथा पुलिस को दी। लोगों की मदद से राजेश कुमार को आनन-फानन में सहरसा सदर अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल में डॉक्टरों की टीम ने उनका प्राथमिक उपचार किया। चिकित्सकों के अनुसार फिलहाल उनकी स्थिति स्थिर बनी हुई है और वह खतरे से बाहर हैं, लेकिन गर्दन में गहरा जख्म होने के कारण उन्हें निगरानी में रखा गया है।


इधर घटना की सूचना मिलते ही महिषी थाना पुलिस हरकत में आ गई। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है ताकि अपराधियों की पहचान हो सके। पुलिस ने इलाके में तलाशी अभियान भी शुरू कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।


इस हमले के बाद जल संसाधन विभाग के कर्मचारियों और इंजीनियरों में डर का माहौल है। विभागीय कर्मियों का कहना है कि तटबंध और ग्रामीण इलाकों में काम करने के दौरान सुरक्षा की पर्याप्त व्यवस्था नहीं रहती, जिसके कारण कर्मचारी हमेशा खतरे में रहते हैं। खासकर कोशी तटबंध के आसपास के कई इलाकों में असामाजिक तत्वों की गतिविधियां लंबे समय से चर्चा में रही हैं।


स्थानीय ग्रामीणों ने भी इलाके में बढ़ते अपराध पर चिंता जताई है। लोगों का कहना है कि शाम होते ही तटबंध के आसपास का इलाका असुरक्षित हो जाता है। कई बार राहगीरों से छिनतई और मारपीट की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, लेकिन अपराधियों पर सख्त कार्रवाई नहीं होने से उनका मनोबल बढ़ता जा रहा है।


फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही अपराधियों की पहचान कर गिरफ्तारी की जाएगी। वहीं इस घटना ने एक बार फिर सहरसा जिले में सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस गश्ती को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।