Bihar News: बिहार के सहरसा सदर अस्पताल में सोमवार देर शाम इलाज को लेकर बड़ा हंगामा हो गया. इलाज में देरी और सड़क हादसे के आरोपी बाइक सवार को अस्पताल से जाने देने के आरोप में मरीज के परिजनों और स्वास्थ्यकर्मियों के बीच जमकर मारपीट हुई. घटना के बाद अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी मच गई और करीब एक घंटे तक इमरजेंसी सेवा भी प्रभावित रही. सूचना मिलने पर सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को शांत कराया. घटना का वीडियो भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.


जानकारी के अनुसार, नगर निगम के वार्ड नंबर-2 गोबरगढ़ा निवासी सीताराम यादव का 11 वर्षीय बेटा सत्यम कुमार सोमवार शाम सड़क हादसे का शिकार हो गया. एक बाइक की टक्कर से उसके मुंह में गंभीर चोट लगी, जिसके बाद परिजन उसे इलाज के लिए सहरसा सदर अस्पताल लेकर पहुंचे.


परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में बच्चे का इलाज समय पर शुरू नहीं किया गया और उसे सुई लगाने में भी काफी देर की गई. इसी दौरान जिस बाइक सवार ने बच्चे को टक्कर मारी थी, वह भी इलाज के लिए अस्पताल पहुंचा. परिजनों का कहना है कि स्वास्थ्यकर्मियों ने उसका इलाज कर उसे वहां से जाने दिया. इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच पहले कहासुनी हुई, जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गई.


सत्यम के चाचा हरेराम कुमार ने आरोप लगाया कि स्वास्थ्यकर्मियों ने इलाज में लापरवाही की और बाइक सवार को जानबूझकर वहां से जाने दिया. उनका कहना है कि जब इस बात का विरोध किया गया तो स्वास्थ्यकर्मियों ने परिवार के लोगों के साथ मारपीट शुरू कर दी.


हंगामे के दौरान अस्पताल में मौजूद मरीजों और उनके परिजनों के बीच भी अफरा-तफरी का माहौल बन गया. करीब एक घंटे तक इमरजेंसी वार्ड का कामकाज प्रभावित रहा. सूचना मिलने पर सदर थाना की पुलिस अस्पताल पहुंची और दोनों पक्षों को समझाकर मामला शांत कराया.


सदर थाना के सब-इंस्पेक्टर चंदन कुमार ने बताया कि मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची थी. दोनों पक्षों से आवेदन मिलने के बाद पूरे मामले की जांच की जाएगी और जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल पुलिस घटना से जुड़े वायरल वीडियो और अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है.

सहरसा से रितेश की रिपोर्ट