Bihar News: बिहार में बारिश और जलजमाव के बीच ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाओं और सड़क संपर्क की तस्वीर एक बार फिर सामने आई है. सहरसा जिले के महिषी प्रखंड क्षेत्र के कुंदह गांव में एक गर्भवती महिला को इलाज के लिए एंबुलेंस तक पहुंचाने के लिए ग्रामीणों को खटिया का सहारा लेना पड़ा. इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.
वायरल वीडियो में कुछ ग्रामीण एक गर्भवती महिला को खटिया पर लादकर कमर भर पानी के बीच से गुजरते दिखाई दे रहे हैं. बताया जा रहा है कि गांव में बारिश के कारण सड़क और संपर्क मार्ग जलमग्न हो गया था. ऐसे में एंबुलेंस गांव के अंदर तक नहीं पहुंच सकी. इसके बाद ग्रामीणों ने महिला को खटिया पर लिटाया और उसे एंबुलेंस तक पहुंचाने के लिए पानी से भरे रास्ते को पार किया.
वीडियो में देखा जा सकता है कि चार ग्रामीण खटिया को उठाकर पानी के बीच से आगे बढ़ रहे हैं. खटिया पर गर्भवती महिला को लिटाया गया है. ग्रामीणों को काफी पानी के बीच सावधानी से आगे बढ़ते हुए देखा जा सकता है. बारिश और जलजमाव के कारण गांव से बाहर निकलने वाला रास्ता पूरी तरह प्रभावित नजर आ रहा है.
स्थानीय स्तर पर सामने आई जानकारी के अनुसार, जलजमाव के कारण एंबुलेंस गांव के अंदर तक नहीं पहुंच पा रही थी. गर्भवती महिला को अस्पताल ले जाने के लिए पहले उसे ऐसे स्थान तक पहुंचाना जरूरी था, जहां एंबुलेंस पहुंच सके. इसके बाद ग्रामीणों ने मिलकर खटिया को ही सहारा बनाया और महिला को पानी से होकर एंबुलेंस तक पहुंचाया.
कुंदह गांव में बारिश के बाद कई रास्तों पर पानी जमा होने की स्थिति सामने आई है. संपर्क मार्ग जलमग्न होने के कारण ग्रामीणों के लिए आवाजाही मुश्किल हो गई है. आपात स्थिति में अस्पताल तक पहुंचने वाले मरीजों और गर्भवती महिलाओं के सामने भी इस तरह की परेशानी खड़ी हो रही है.
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
गर्भवती महिला को खटिया पर लादकर पानी के बीच से ले जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद यह मामला चर्चा में है. वीडियो में दिखाई दे रही स्थिति ग्रामीण क्षेत्र में बारिश के दौरान आवागमन की मुश्किलों को दिखाती है. खासकर ऐसे समय में जब किसी मरीज को तत्काल अस्पताल ले जाने की जरूरत हो, जलमग्न रास्ते बड़ी परेशानी बन जाते हैं.
बारिश या जलजमाव के कारण जब गांव का संपर्क मुख्य सड़क से प्रभावित होता है, तब ग्रामीणों को मरीजों को बाहर निकालने के लिए खुद ही व्यवस्था करनी पड़ती है. कुंदह गांव की यह तस्वीर भी इसी तरह की स्थिति को सामने ला रही है, जहां गर्भवती महिला को एंबुलेंस तक पहुंचाने के लिए ग्रामीणों ने मिलकर खटिया को सहारा बनाया.