SAHARSA: सहरसा में न्यूज कवरेज करने के दौरान सदर अस्पताल पहुंचे डिजिटल मीडिया के पत्रकार के साथ कथित मारपीट एवं हमले के विरोध में रविवार को शहर के वीर कुंवर सिंह चौक पर छात्र, युवा एवं सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ताओं ने सिविल सर्जन डॉ. राज नारायण प्रसाद का पुतला दहन किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि सदर अस्पताल में खबर संकलन के दौरान प्रभारी अधीक्षक डॉ. एस.के. आजाद एवं अस्पताल प्रबंधक सिंपी कुमारी द्वारा बड़ी संख्या में पैरामेडिकल छात्रों को बुलाकर पत्रकार के साथ मारपीट की गई। 


घटना के बाद घायल पत्रकार का नारायण मेडिकल में इलाज कराया गया। मामले को लेकर सदर थाना, सहरसा में आवेदन दिए जाने के बावजूद कार्रवाई नहीं होने पर छात्र-युवा संगठनों में आक्रोश है। पुतला दहन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए युवा कांग्रेस के मनीष कुमार ने कहा कि युवा पत्रकार द्वारा लगातार सदर अस्पताल की कथित कुव्यवस्थाओं को उजागर किया जा रहा था, जिससे अस्पताल प्रशासन बौखलाया हुआ था। उन्होंने कहा कि पत्रकार पर हमला बेहद निंदनीय, दुर्भाग्यपूर्ण और गंभीर घटना है। प्रशासन द्वारा शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं किया जाना चिंता का विषय है। 


उन्होंने मांग की कि मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों पर तत्काल कार्रवाई की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि 48 घंटे के भीतर दोषी डॉक्टरों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा और सहरसा बंद का आह्वान किया जाएगा। एआईएसएफ के पूर्व छात्र नेता शंकर कुमार ने आरोप लगाया कि अस्पताल प्रबंधक सिंपी कुमारी से जुड़े नियुक्ति एवं पद संबंधी सवालों को पत्रकारों द्वारा प्रमुखता से उठाया गया था। उन्होंने कहा कि सदर अस्पताल की व्यवस्था और कथित अनियमितताओं को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। उन्होंने पत्रकार पर हमले की निष्पक्ष जांच तथा सभी दोषियों की गिरफ्तारी की मांग की। 


आरवाईए राष्ट्रीय परिषद सदस्य कुंदन यादव ने कहा कि पत्रकार लोकतंत्र के चौथे स्तंभ हैं। पत्रकार पर हमला लोकतांत्रिक व्यवस्था पर हमला है। उन्होंने जिलाधिकारी, पुलिस प्रशासन और राज्य सरकार से मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर उच्चस्तरीय जांच कराने, दोषियों पर कार्रवाई करने तथा पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। युवा नेता सोहन झा ने कहा कि पत्रकार पर हमला लोकतंत्र पर हमला है। उन्होंने कहा कि घटना की उच्चस्तरीय जांच कर दोषी डॉक्टरों एवं अन्य आरोपितों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए, अन्यथा आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। 


अभाविप के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य मोनु झा ने कहा कि संविधान सभी नागरिकों को अपनी बात रखने और सवाल पूछने का अधिकार देता है। पत्रकार समाचार संकलन के लिए अस्पताल पहुंचे थे। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर किस अधिकार के तहत पत्रकार के साथ कथित तौर पर मारपीट की गई। उन्होंने कहा कि अस्पताल प्रशासन को इसका जवाब देना होगा और दोषियों पर कार्रवाई करनी होगी। छात्र राजद के निवर्तमान जिला अध्यक्ष धीरज सम्राट ने अस्पताल प्रबंधक सिंपी कुमारी की नियुक्ति एवं शैक्षणिक योग्यता की जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि सदर अस्पताल की वर्तमान व्यवस्था के लिए अस्पताल प्रशासन की जवाबदेही तय होनी चाहिए। 


युवा कांग्रेस नेता विक्रम यादव ने आरोप लगाया कि डॉ. एस.के. आजाद लंबे समय से सहरसा में पदस्थापित हैं और निजी अस्पताल संचालन से जुड़े गंभीर सवाल उनके संबंध में उठते रहे हैं। उन्होंने कहा कि सदर अस्पताल से मरीजों को निजी अस्पताल भेजे जाने सहित अन्य मामलों की भी जांच होनी चाहिए। उन्होंने पत्रकार पर हमले की निष्पक्ष जांच की मांग की। समाजसेवी रोशन कुमार माधव एवं कौशल क्रांतिकारी ने कहा कि सदर अस्पताल में लंबे समय से पदस्थापित चिकित्सकों एवं कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए। 


उन्होंने कहा कि पत्रकार पर हमला करने वाले सभी लोगों की पहचान कर कानूनी कार्रवाई की जाए, अन्यथा आर-पार का आंदोलन किया जाएगा। जदयू नेता प्रवीण कुमार ने अस्पताल में कथित वित्तीय एवं सामग्री संबंधी अनियमितताओं की जांच की मांग करते हुए कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच आवश्यक है। NSUI सहरसा के जिला उपाध्यक्ष बंटी झा ने पत्रकार पर हुए हमले को अमानवीय एवं अशोभनीय बताते हुए कहा कि यदि प्रशासन निर्धारित समय में कार्रवाई नहीं करता है तो पूरे शहर को बंद करने का आंदोलन किया जाएगा। 


प्रदर्शनकारियों ने जिलाधिकारी एवं पुलिस प्रशासन से मांग की कि पत्रकार के आवेदन पर प्राथमिकी दर्ज कर मामले की निष्पक्ष जांच की जाए, हमले में शामिल सभी आरोपितों की पहचान कर कानूनी कार्रवाई की जाए तथा पत्रकारों को निर्भीक होकर काम करने के लिए सुरक्षा का भरोसा दिया जाए। पुतला दहन कार्यक्रम में रुपेश यादव,आदित्य राव यादव, विक्रम यादव, रतन मिश्रा, संजय पासवान, मुकेश कुमार साह, बिट्टू कुमार, अनीश कुमार, आयुष राधे, मनीष कुमार, कौशल कुमार, अमन कुमार, अमित कुमार, पवन कुमार साह, मोहम्मद जाबिर, अकरम अली, मनु कुमार यादव, मोहम्मद इरफान, मोहम्मद शमी, पारस पासवान, राजेश रमन, दिलखुश शाह, सोनू मिश्रा, प्रदीप कुमार सहित बड़ी संख्या में छात्र, युवा एवं सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे।