Bihar School News : सहरसा जिले के सिमरी बख्तियारपुर अनुमंडल क्षेत्र से एक चिंताजनक मामला सामने आया है। काशनगर स्थित एक निजी आवासीय विद्यालय के हॉस्टल से तीन छात्रों के अचानक गायब होने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है। घटना के बाद छात्रों के परिजन बेहद परेशान हैं, जबकि पुलिस बच्चों की तलाश में लगातार जुटी हुई है। इस मामले ने स्कूल प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी तंत्र पर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के अनुसार काशनगर स्थित कैरियर मेकर आवासीय विद्यालय के हॉस्टल से 4 जून की सुबह तीन छात्र रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गए। बच्चों के हॉस्टल से गायब होने की जानकारी मिलते ही विद्यालय प्रबंधन और परिजनों के बीच अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्कूल प्रशासन ने छात्रों के अभिभावकों को सूचना दी, जिसके बाद परिजन तत्काल विद्यालय पहुंचे और बच्चों की तलाश शुरू की।
परिजनों का आरोप है कि बच्चों की सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी स्कूल प्रबंधन की थी, क्योंकि वे विद्यालय के हॉस्टल में रहकर पढ़ाई कर रहे थे। ऐसे में एक साथ तीन छात्रों का गायब हो जाना सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी लापरवाही को दर्शाता है। अभिभावकों का कहना है कि यदि हॉस्टल परिसर में उचित निगरानी और सुरक्षा के इंतजाम होते तो ऐसी घटना शायद नहीं होती।
घटना के बाद स्कूल प्रशासन भी सवालों के घेरे में आ गया है। विद्यालय के प्राचार्य ने बताया कि शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि तीनों छात्र हॉस्टल परिसर की लगभग दस फीट ऊंची दीवार पार कर बाहर निकल गए। हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि विद्यालय में सुरक्षा गार्ड की व्यवस्था नहीं है और परिसर में सीसीटीवी कैमरे भी नहीं लगाए गए हैं। ऐसे में बच्चों के बाहर निकलने की पूरी घटना रिकॉर्ड नहीं हो सकी।
प्राचार्य ने कहा कि विद्यालय प्रशासन बच्चों की तलाश में हरसंभव प्रयास कर रहा है और पुलिस को भी पूरा सहयोग दिया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी प्रकार की अप्रिय घटना सामने आती है तो उसकी नैतिक जिम्मेदारी विद्यालय प्रबंधन की होगी।
उधर मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच तेज कर दी है। सिमरी बख्तियारपुर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी ने बताया कि स्कूल प्रबंधन की ओर से घटना की सूचना समय पर नहीं दी गई, जिसके कारण शुरुआती स्तर पर कार्रवाई में देरी हुई। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बच्चों के गायब होने के सभी संभावित पहलुओं की जांच की जा रही है।
पुलिस ने आसपास के क्षेत्रों में खोजबीन शुरू कर दी है और संभावित स्थानों पर छापेमारी भी की जा रही है। इसके अलावा बच्चों के परिजनों, स्कूल कर्मियों और अन्य छात्रों से भी पूछताछ की जा रही है ताकि घटना के पीछे की वास्तविक वजह का पता लगाया जा सके। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि बच्चे स्वयं हॉस्टल से बाहर गए या फिर इसके पीछे कोई अन्य कारण है।
घटना के बाद स्थानीय लोगों में भी चिंता का माहौल है। लोगों का कहना है कि आवासीय विद्यालयों में बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। यदि हॉस्टल में न तो सुरक्षा गार्ड मौजूद हों और न ही सीसीटीवी कैमरे, तो बच्चों की सुरक्षा पर स्वाभाविक रूप से सवाल उठेंगे।
फिलहाल तीनों छात्रों का अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है। परिजन लगातार बच्चों के सुरक्षित वापस लौटने की प्रार्थना कर रहे हैं, जबकि पुलिस और प्रशासन उनकी तलाश में जुटे हुए हैं। पूरे क्षेत्र की नजर अब इस बात पर टिकी है कि आखिर तीनों बच्चे कहां हैं और वे सुरक्षित हैं या नहीं। मामले की जांच जारी है।