सहरसा में अपराध नियंत्रण को लेकर चलाए जा रहे अभियान के दौरान चिड़ैया थाना पुलिस ने दो लोगों को अवैध हथियार और कारतूस के साथ गिरफ्तार किया है. पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपितों में कुख्यात बिरजू यादव और उसका चचेरा भाई अमरजीत कुमार शामिल हैं. दोनों के पास से दो देशी कट्टे, एक बिंदोलिया और 37 जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं.
मामले का खुलासा सिमरी बख्तियारपुर स्थित एसडीपीओ कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान प्रभारी डीएसपी धीरेंद्र पांडे ने किया. उन्होंने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि कनरिया थाना क्षेत्र के हसुलिया निवासी बिरजू यादव अपने चचेरे भाई अमरजीत कुमार के साथ अवैध हथियार लेकर घूम रहा है. सूचना में यह भी बताया गया था कि दोनों किसी आपराधिक वारदात को अंजाम देने की तैयारी में हो सकते हैं.
पुलिस के अनुसार, बिरजू यादव अपने 9 वर्षीय बीमार बेटे के पेट दर्द की समस्या को लेकर झाड़-फूंक कराने चिड़ैया थाना क्षेत्र के रैठी गांव पहुंचा था. उसके साथ उसका चचेरा भाई अमरजीत कुमार भी था. झाड़-फूंक कराने के बाद दोनों वापस लौट रहे थे. इसी दौरान ग्रामीणों ने पुलिस को दोनों के पास हथियार होने की जानकारी दी.
सूचना मिलते ही चिड़ैया थाना के अपर थानाध्यक्ष प्रेमचन्द्र चौधरी पुलिस बल के साथ रैठी गांव पहुंचे. पुलिस टीम ने साजो चौधरी के घर के सामने पक्की सड़क पर घेराबंदी की. पुलिस को देखते ही दोनों आरोपित भागने लगे. पुलिसकर्मियों ने पीछा कर दोनों को पकड़ लिया.
तलाशी में सामने आया हथियारों का जखीरा
पुलिस ने दोनों की तलाशी ली तो उनके पास से दो लोडेड देशी कट्टे बरामद हुए. पुलिस के अनुसार, इनमें एक कट्टा करीब 9 इंच और दूसरा करीब 6 इंच का था. इसके अलावा एक बिंदोलिया और कुल 37 जिंदा कारतूस भी बरामद किए गए.
पुलिस के मुताबिक, दो कारतूस कट्टों में लोड थे, जबकि बाकी 35 कारतूस बिंदोलिया में रखे हुए थे. हथियार और कारतूस बरामद होने के बाद दोनों को गिरफ्तार कर पुलिस ने पूछताछ शुरू कर दी.
कई गंभीर मामलों में दर्ज है केस
पुलिस जांच में बिरजू यादव और अमरजीत कुमार के खिलाफ अलग-अलग थानों में कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज होने की जानकारी सामने आई है. पुलिस के अनुसार, सिमरी बख्तियारपुर थाना में हत्या और आर्म्स एक्ट से जुड़े मामले दर्ज हैं. इसके अलावा खगड़िया रेल थाना में लूट और सदर थाना में आर्म्स एक्ट का मामला भी दर्ज है.
पुलिस ने दोनों के खिलाफ कुल पांच गंभीर आपराधिक मामलों में संलिप्तता की जानकारी दी है. प्रभारी डीएसपी धीरेंद्र पांडे के अनुसार, बिरजू यादव शातिर अपराधी है और पुलिस को उसकी तलाश थी.
हथियार कहां से आए, पुलिस कर रही जांच
गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब बरामद हथियार और कारतूस के स्रोत का पता लगाने में जुटी है. साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि दोनों के पास इतनी संख्या में कारतूस क्यों थे और क्या उनका किसी आपराधिक वारदात को अंजाम देने का इरादा था.
मामले में चिड़ैया थाना में आर्म्स एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है. पुलिस दोनों आरोपितों के आपराधिक इतिहास की भी जांच कर रही है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है.