Bihar Airport News: सहरसा एयरपोर्ट के विकास और अपग्रेडेशन की दिशा में अब काम आगे बढ़ गया है. एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) की ओर से जारी टेंडर में दो कंपनियों ने बोली लगाई है. इनमें एलके बिल्डर्स और एनएससी प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं. अब तकनीकी बिड खुलने के बाद आगे की प्रक्रिया के तहत एजेंसी का चयन किया जाएगा.
करीब 42.52 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना में सहरसा एयरपोर्ट के मौजूदा बुनियादी ढांचे में कई बड़े बदलाव किए जाएंगे. रनवे के कुछ हिस्से को तोड़कर नया निर्माण कराया जाएगा. इसके साथ ही टैक्सीवे, एप्रन, परिधीय सड़क और विमानों के संचालन से जुड़ी दूसरी जरूरी सुविधाएं विकसित की जाएंगी.
सहरसा एयरपोर्ट को छोटे विमानों के संचालन के लिए तैयार किया जा रहा है. प्रस्तावित व्यवस्था के तहत यहां एक समय में दो विमानों के संचालन की सुविधा विकसित की जाएगी. एयरपोर्ट को कोड-2बी श्रेणी के विमानों के अनुरूप अपग्रेड करने की योजना है.
रनवे का कुछ हिस्सा टूटेगा, फिर बनेगा नया
अपग्रेडेशन के तहत मौजूदा रनवे के कुछ हिस्से को हटाकर नए सिरे से निर्माण किया जाएगा. नए रनवे की लंबाई 1000 मीटर और चौड़ाई 30 मीटर होगी. वहीं रनवे स्ट्रिप की कुल लंबाई 1120 मीटर निर्धारित की गई है. रनवे के दोनों छोर पर सेफ्टी एरिया भी बनाया जाएगा.
रनवे और एप्रन को आपस में जोड़ने के लिए लिंक टैक्सीवे का निर्माण किया जाएगा. इसके अलावा टैक्सीवे, एप्रन, ग्राउंड सपोर्ट इक्विपमेंट एरिया, व्हीकुलर लेन, इमरजेंसी एक्सेस रोड और रनवे सेफ्टी एरिया समेत कई काम परियोजना में शामिल हैं.
15 महीने में पूरा करना होगा काम
AAI की ओर से इस परियोजना के लिए करीब 42.52 करोड़ रुपये का टेंडर जारी किया गया है. निर्माण कार्य को 450 दिनों यानी करीब 15 महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. निर्धारित अवधि में दो महीने की बारिश की अवधि भी शामिल है.
टेंडर 8 सितंबर को जारी किया गया था. अब 28 अक्टूबर को तकनीकी बिड खोली जाएगी. इसके बाद कंपनियों की तकनीकी पात्रता और दूसरी प्रक्रिया पूरी होने के बाद एजेंसी का चयन किया जाएगा.
60 एकड़ जमीन उपलब्ध, 15 एकड़ और चाहिए
सहरसा एयरपोर्ट के पास फिलहाल करीब 60 एकड़ जमीन उपलब्ध है. एयरपोर्ट को छोटे विमानों के संचालन के लिए विकसित करने के लिए करीब 15 एकड़ अतिरिक्त जमीन की जरूरत बताई गई है.
इसमें बिहार सरकार की ओर से करीब 12 एकड़ जमीन उपलब्ध कराई जा रही है. जमीन अधिग्रहण पर होने वाला करीब 147 करोड़ रुपये का खर्च राज्य सरकार की ओर से वहन किए जाने की बात कही गई है.
अप्रैल में भी निकला था टेंडर
सहरसा एयरपोर्ट के विकास के लिए इससे पहले 22 अप्रैल को AAI की ओर से EPC मोड में ई-निविदा जारी की गई थी. 14 जुलाई को पूरी हुई उस निविदा में चार एजेंसियों ने हिस्सा लिया था. इसमें सबसे कम बोली 24.95 करोड़ रुपये की थी. हालांकि, उस टेंडर में अभी तक एजेंसी का चयन नहीं हुआ है.
इसके बाद सितंबर में एयरपोर्ट के अपग्रेडेशन के लिए दूसरा टेंडर जारी किया गया, जिसमें अब दो कंपनियों ने बोली लगाई है.
1580 वर्ग मीटर में बनेगा नया टर्मिनल
एयरपोर्ट के अपग्रेडेशन प्रोजेक्ट में आधुनिक टर्मिनल भवन भी बनाया जाएगा. इसके लिए करीब 1580 वर्ग मीटर क्षेत्र निर्धारित किया गया है. दो मंजिला टर्मिनल भवन का निर्माण प्री-फैब्रिकेटेड स्टील स्ट्रक्चर पर किया जाएगा.
इसके अलावा करीब 165 वर्ग मीटर में एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) टावर और 451 वर्ग मीटर में फायर स्टेशन का निर्माण प्रस्तावित है. दोनों संरचनाओं को भी प्री-इंजीनियर्ड स्ट्रक्चर के रूप में तैयार किया जाएगा.
एयरपोर्ट पर ग्राउंड सपोर्ट इक्विपमेंट के लिए करीब 40 वर्ग मीटर का क्षेत्र विकसित किया जाएगा. रनवे और एप्रन के बीच विमानों की आवाजाही के लिए लिंक टैक्सीवे समेत दूसरी जरूरी सुविधाएं भी तैयार होंगी.