Bihar Viral Video: बक्सर में पोस्टमॉर्टम हाउस के बाहर शव को घसीटकर अंदर ले जाने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. करीब एक मिनट 25 सेकेंड के इस वीडियो में एक शख्स चादर में लिपटे शव को पैर की तरफ से पकड़कर जमीन पर घसीटते हुए पोस्टमॉर्टम हाउस के अंदर ले जाता दिखाई दे रहा है. वीडियो सामने आने के बाद पोस्टमॉर्टम हाउस में शवों को अंदर ले जाने की व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं.
मामला 31 अगस्त का बताया जा रहा है. जानकारी के अनुसार बक्सर आरओबी के पास एक अज्ञात शव मिला था. इसके बाद जीआरपी ने शव को रिक्शे के जरिए पोस्टमॉर्टम हाउस भेजा था. शव को पोस्टमॉर्टम हाउस के अंदर ले जाने के दौरान यह घटना हुई थी. इसका वीडियो बुधवार को सोशल मीडिया पर वायरल हुआ.
वीडियो में करीब 20 मीटर तक घसीटा गया शव
वायरल वीडियो में शव रंगीन चादर में लिपटा हुआ दिखाई दे रहा है. एक शख्स शव की चादर को पैर की तरफ से पकड़ता है और उसे जमीन पर घसीटते हुए पोस्टमॉर्टम हाउस के अंदर ले जाता है. वीडियो में वह अकेला ही शव को करीब 20 मीटर तक घसीटता नजर आ रहा है.
वीडियो सामने आने के बाद बक्सर के सिविल सर्जन डॉ. शिवकुमार प्रसाद चक्रवर्ती ने मामले का संज्ञान लिया है. उन्होंने बताया कि पोस्टमॉर्टम हाउस में शंकर नाम का कर्मचारी काम करता है. वीडियो में दिखाई दे रहा व्यक्ति कौन है और उस समय पोस्टमॉर्टम हाउस में किस तरह की व्यवस्था थी, इसकी जानकारी ली जा रही है. जांच के बाद स्थिति स्पष्ट होगी.
टूटा था पोस्टमॉर्टम हाउस का स्ट्रेचर
पोस्टमॉर्टम हाउस में काम करने वाले शंकर ने बताया कि वीडियो में दिखाई दे रहा व्यक्ति जीआरपी की ओर से शव के साथ भेजा गया था. उसके अनुसार पोस्टमॉर्टम हाउस का स्ट्रेचर टूटा हुआ है. उसने संबंधित व्यक्ति से कहा था कि दो-तीन लोगों को और बुलाकर शव को अंदर पहुंचाए.
शंकर के मुताबिक, वह थोड़ी देर के लिए अंदर चला गया था. इसी दौरान उक्त व्यक्ति ने किसी को बुलाने के बजाय अकेले ही शव को चादर पकड़कर घसीटते हुए अंदर पहुंचा दिया.
शव को घसीटकर ले जाने वाले बिहारी राम ने भी बताया कि शव को उठाकर अंदर ले जाने के लिए कम से कम चार लोगों की जरूरत होती है. लेकिन पोस्टमॉर्टम हाउस में वह अकेले काम करता है. उसने कम मेहनताना मिलने की बात भी कही और बताया कि अकेले होने की वजह से शव को इसी तरह अंदर ले जाना पड़ा.
जीआरपी ने कहा, शव ले जाने की अलग व्यवस्था नहीं
मामले में जीआरपी थानाध्यक्ष ने बताया कि बिहारी नाम का व्यक्ति उनके यहां काम करता है. उन्होंने कहा कि जीआरपी की ओर से शव को पोस्टमॉर्टम हाउस ले जाने के लिए एंबुलेंस जैसी अलग व्यवस्था नहीं है. ऐसे में निजी स्तर पर शव को पोस्टमॉर्टम हाउस भेजा जाता है.
बिहारी के मेहनताना बढ़ाने के संबंध में पूछे जाने पर थानाध्यक्ष ने कहा कि उनके स्तर से इस पर कोई निर्णय नहीं लिया जा सकता है.
पूर्व विधायक ने कार्रवाई की मांग की
वीडियो सामने आने के बाद सदर के पूर्व विधायक संजय तिवारी उर्फ मुन्ना तिवारी ने घटना को निंदनीय बताया है. उन्होंने कहा कि स्ट्रेचर के अभाव में जिस तरीके से शव को घसीटकर ले जाया गया, उस पर स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन को संज्ञान लेना चाहिए. उन्होंने मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.
फिलहाल सिविल सर्जन ने मामले की जांच शुरू कर दी है. जांच के बाद यह स्पष्ट होगा कि शव को घसीटकर अंदर ले जाने की स्थिति क्यों बनी और इसके लिए कौन जिम्मेदार था.