SAHARSA: बिहार में 16 साल से पूर्ण शराबबंदी लागू है, लेकिन ना तो पीने वाले सुधरने का नाम ले रहे हैं और ना ही इसे बेचने वाले ही अपनी करतूतों से बाज आ रहे हैं। बिहार में शराबबंदी कानून लागू होने के बावजूद अवैध शराब कारोबार थमने का नाम नहीं ले रहा है। गुरुवार को मध निषेध एवं उत्पाद विभाग ने गुप्त सूचना के आधार पर शहर के पुराने बस स्टैंड परिसर में बड़ी कार्रवाई करते हुए मिट्टी के ढेर में छिपाकर रखी गई विदेशी शराब की बड़ी खेप बरामद किया है।
123 लीटर विदेशी शराब बरामद की। कार्रवाई के दौरान दो शराब कारोबारियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि एक विधि विरुद्ध बालक को निरुद्ध किया गया। छापेमारी के बाद इलाके में शराब तस्करों के बीच हड़कंप मच गया। उत्पाद विभाग को सूचना मिली थी कि पुराने बस स्टैंड परिसर में मिट्टी के ढेर के भीतर विदेशी शराब छिपाकर रखी गई है और वहीं से उसकी आपूर्ति की जा रही है। सूचना मिलते ही विभाग की टीम ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर तलाशी अभियान शुरू किया।
मिट्टी की खुदाई के दौरान अलग-अलग स्थानों से बड़ी मात्रा में शराब बरामद हुई। तलाशी के दौरान बरामद सभी शराब ऑफिसर चॉइस ब्रांड के फ्रूटी पैक में मिली। जब्त शराब की कुल मात्रा 123 लीटर बताई गई है। मौके से दो आरोपितों को गिरफ्तार किया गया, जबकि एक विधि विरुद्ध बालक को भी निरुद्ध कर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई। पूछताछ में गिरफ्तार आरोपितों की पहचान अरविंद साह (पिता- स्व. बहादुर साह), निवासी माहखर वार्ड संख्या-7, थाना सिमरी बख्तियारपुर, जिला सहरसा तथा जीतू कुमार (पिता- सियाराम साह), निवासी गढ़बरुआरी वार्ड संख्या-6, थाना लोकहा, जिला सुपौल के रूप में हुई है।
उत्पाद विभाग ने बरामद शराब को जब्त कर बिहार मद्य निषेध एवं उत्पाद अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ कर यह पता लगाया जा रहा है कि शराब की खेप कहां से लाई गई थी, इसकी आपूर्ति किसे की जानी थी और इस नेटवर्क में अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि राज्य में शराबबंदी कानून को प्रभावी बनाने के लिए अवैध शराब कारोबार के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और इस धंधे में शामिल किसी भी व्यक्ति को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।