Bihar News: रोहतास जिले के डेहरी-ऑन-सोन में तेज गर्मी से राहत पाने के लिए दोस्तों के साथ सोन नदी में नहाने गया 12 वर्षीय रंजीत कुमार हमेशा के लिए इस दुनिया को छोड़ गया। नदी में अचानक बढ़े तेज बहाव ने कुछ ही पलों में खुशियों को मातम में बदल दिया। हालांकि एक बहादुर मछुआरे ने अपनी जान जोखिम में डालकर चार बच्चों को बचा लिया।


यह घटना डेहरी नगर थाना क्षेत्र में जवाहर सेतु और सोन रेलवे पुल के बीच की है। मृतक की पहचान स्टेशन रोड स्थित वार्ड संख्या-17 आदर्श नगर निवासी संतोष साह के 12 वर्षीय पुत्र रंजीत कुमार के रूप में हुई है। बुधवार को स्थानीय गोताखोरों ने उसका शव नदी से बरामद किया।


बताया जाता है कि मंगलवार दोपहर करीब ढाई बजे भीषण गर्मी से परेशान होकर रंजीत अपने छह दोस्तों के साथ सोन नदी की ओर गया था। एक लड़का किनारे पर कपड़े और मोबाइल की देखरेख के लिए रुक गया, जबकि रंजीत समेत पांच दोस्त नदी में नहाने उतर गए।


रंजीत के साथ मौजूद अमित कुमार पटेल ने बताया कि शुरुआत में नदी का पानी सामान्य लग रहा था और सभी बच्चे आराम से नहा रहे थे। लेकिन कुछ देर बाद अचानक नदी का बहाव तेज हो गया। देखते ही देखते सभी बच्चे गहरे पानी की ओर खिंचने लगे और मदद के लिए चीखने-चिल्लाने लगे।


बच्चों की आवाज सुनकर पास में मौजूद पाली मोहल्ला निवासी मछुआरा अजय चौधरी तुरंत नदी में कूद पड़ा। उसने बिना देर किए एक-एक कर चार बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। लेकिन रंजीत तेज बहाव में फंस गया और गहरे पानी में चला गया। कुछ ही सेकंड में वह नदी की लहरों के बीच ओझल हो गया।


घटना की जानकारी मिलते ही परिजन और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग नदी किनारे पहुंच गए। देर शाम तक रंजीत की तलाश जारी रही, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल सका। पूरी रात परिवार वालों की आंखों में नींद नहीं थी और हर कोई किसी चमत्कार की उम्मीद लगाए बैठा था।


बुधवार सुबह गोताखोरों की टीम ने दोबारा खोज अभियान शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद नदी से रंजीत का शव बरामद किया गया। शव मिलते ही परिजनों के बीच चीख-पुकार मच गई। मां-बाप का रो-रोकर बुरा हाल हो गया और पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई।


पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सासाराम सदर अस्पताल भेज दिया। डेहरी नगर थाना के थानाध्यक्ष राहुल ने बताया कि कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है और मामले की जांच की जा रही है।