BIHAR NEWS : बिहार के रोहतास जिले के चेनारी थाना क्षेत्र में एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। चेनारी-कुदरा मुख्य मार्ग पर पंजाब नेशनल बैंक के समीप तेज रफ्तार पुलिस वाहन की चपेट में आने से एक 30 वर्षीय युवक की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश फैल गया। ग्रामीणों ने पुलिस वाहन चालक पर लापरवाही और नशे में वाहन चलाने का आरोप लगाते हुए सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन किया। हालांकि पुलिस ने प्रारंभिक जांच में चालक के नशे में होने की पुष्टि से इनकार किया है और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है।


बाजार से घर लौटते समय हुआ हादसा

मृतक की पहचान चेनारी थाना क्षेत्र के पलौंधा गांव निवासी कृपाशंकर तिवारी (30 वर्ष) के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार शुक्रवार रात वह चेनारी बाजार से अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान चेनारी-कुदरा पथ पर पंजाब नेशनल बैंक के पास तेज गति से आ रहे चेनारी थाना के एक पुलिस वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि युवक ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। घटना की सूचना मिलते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए। देखते ही देखते बड़ी संख्या में ग्रामीण जमा हो गए और पुलिस के खिलाफ नाराजगी जताने लगे।


परिजनों में मचा कोहराम

युवक की मौत की खबर जैसे ही उसके घर पहुंची, परिवार में मातम छा गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में भी शोक का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कृपाशंकर शांत स्वभाव के युवक थे और रोज की तरह बाजार से घर लौट रहे थे, लेकिन रास्ते में यह दर्दनाक हादसा हो गया।


ग्रामीणों का आरोप- चालक नशे में था

घटना के बाद ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पुलिस वाहन का चालक शराब के नशे में था और तेज रफ्तार में वाहन चला रहा था। लोगों का कहना है कि हादसे के बाद चालक वाहन लेकर वहां से निकल गया, जिससे लोगों का गुस्सा और बढ़ गया। इसी नाराजगी के चलते लोगों ने सड़क जाम कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। काफी देर तक यातायात बाधित रहा। बाद में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के मौके पर पहुंचकर कार्रवाई का भरोसा देने के बाद लोगों ने प्रदर्शन समाप्त किया।


पिता ने लगाए गंभीर आरोप

मृतक के पिता विमल तिवारी ने घटना को लेकर पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि उनका बेटा सड़क के एक किनारे चल रहा था, जबकि पुलिस वाहन दूसरी दिशा में था। इसके बावजूद चालक ने लापरवाही से वाहन चलाते हुए उसे टक्कर मार दी।


उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि परिवार को सूचना दिए बिना पुलिस शव को पोस्टमार्टम के लिए ले गई। काफी देर इंतजार के बाद शव परिजनों को सौंपा गया। विमल तिवारी ने चालक के शराब के नशे में होने का भी दावा किया और निष्पक्ष जांच की मांग की है।


पुलिस ने क्या कहा?

मामले को लेकर रोहतास पुलिस ने अपना पक्ष भी सामने रखा है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार दुर्घटना में शामिल चेनारी थाना के वाहन को जब्त कर लिया गया है। चालक का ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट कराया गया है और उसका ब्लड सैंपल भी जांच के लिए भेजा गया है।पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच में चालक के शराब के नशे में होने की पुष्टि नहीं हुई है। हालांकि मामले की विस्तृत जांच जारी है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए कार्रवाई की जाएगी।


एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू

चेनारी थानाध्यक्ष दिनेश कुमार मालाकार ने बताया कि परिजनों की ओर से आवेदन मिलने के बाद संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की जा रही है। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार को प्रशासन की ओर से हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। थानाध्यक्ष ने लोगों से अपील की कि जांच पूरी होने तक किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें और कानून व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें।


जांच रिपोर्ट पर टिकी सबकी नजर

फिलहाल इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि हादसा केवल लापरवाही का नतीजा था या फिर चालक वास्तव में नशे की हालत में वाहन चला रहा था। इसका जवाब मेडिकल जांच और पुलिस की विस्तृत जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। वहीं पीड़ित परिवार निष्पक्ष जांच और दोषी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग पर अड़ा हुआ है।