Bihar Cyber Crime: बिहार के रोहतास जिले में साइबर ठगी के एक बड़े मामले का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। इस मामले में 86 लाख रुपये की भारी भरकम ठगी का पर्दाफाश हुआ है। साइबर अपराधियों के इस संगठित गिरोह का कनेक्शन उत्तर प्रदेश के वाराणसी से जुड़ा निकला, जहां से पुलिस ने तीन शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई को साइबर अपराध के खिलाफ एक बड़ी सफलता माना जा रहा है।


कैसे हुआ ठगी का शिकार?

जानकारी के मुताबिक, पीड़ित मदन गोपाल पांडेय को साइबर ठगों ने बेहद शातिर तरीके से अपने जाल में फंसाया। ठगों ने खुद को सरकारी एजेंसी का अधिकारी बताकर उन्हें ‘डिजिटल अरेस्ट’ का डर दिखाया। इस दौरान उन्हें बताया गया कि उनका बैंक खाता किसी गैरकानूनी गतिविधि में इस्तेमाल हुआ है और जांच के नाम पर उनसे पैसे ट्रांसफर करवाए गए। डर और दबाव में आकर पीड़ित ने अलग-अलग खातों में कुल 86 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए।


‘डिजिटल अरेस्ट’ गैंग का खेल

पुलिस जांच में सामने आया कि यह गिरोह ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसी नई तकनीक का इस्तेमाल कर लोगों को डराता है। इसमें पीड़ित को वीडियो कॉल या फोन के जरिए ऐसा महसूस कराया जाता है कि वह किसी बड़ी कानूनी कार्रवाई में फंस चुका है। इसके बाद उनसे पैसे ऐंठे जाते हैं। इस तरह के मामलों में लोग मानसिक दबाव में आकर तुरंत पैसे ट्रांसफर कर देते हैं।


तकनीकी जांच से मिला बड़ा सुराग

रोहतास पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एसपी रोशन कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया। टीम ने बैंक ट्रांजेक्शन और मोबाइल डेटा की गहराई से जांच की। जांच में पता चला कि पीड़ित के खाते से पैसे महाराष्ट्र के कई संदिग्ध खातों में भेजे गए थे। इन खातों में करीब 48 लाख रुपये का ट्रांजेक्शन और 38 लाख रुपये का क्रेडिट मिला, जिससे पूरे नेटवर्क का सुराग मिला।


वाराणसी से दबोचे गए आरोपी

पुख्ता जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने उत्तर प्रदेश के वाराणसी में छापेमारी कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों में फूलचंद सिंह (बलिया), अनिल कुमार सिंह और राजीव कुमार चौबे शामिल हैं। पुलिस ने इनके पास से कई मोबाइल फोन, बैंक दस्तावेज और अन्य अहम साक्ष्य भी बरामद किए हैं, जो इस बड़े साइबर नेटवर्क की पुष्टि करते हैं।


फिलहाल तीनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है और उनसे पूछताछ जारी है। पुलिस को शक है कि यह गिरोह कई राज्यों में फैला हुआ है और इसमें और भी लोग शामिल हो सकते हैं। आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।


पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल, वीडियो कॉल या सरकारी अधिकारी बनकर डराने वाले लोगों से सावधान रहें। किसी भी परिस्थिति में बिना पुष्टि किए पैसे ट्रांसफर न करें।