Bihar News: बिहार के रोहतास जिले से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक किशोरी ने अपने प्रेमी के साथ भागने के लिए ऐसी साजिश रची कि पूरा परिवार ही नहीं, पुलिस भी पहली नजर में हैरान रह गई। किशोरी ने घर में मुर्गे का खून फैलाकर खुद की हत्या का माहौल बना दिया और फिर प्रेमी के साथ फरार हो गई।
पूरा मामला इंद्रपुरी थाना क्षेत्र के बडीहा गांव का है। बताया जा रहा है कि 30 अप्रैल की रात करीब डेढ़ बजे गांव की एक किशोरी अचानक घर से गायब हो गई। सुबह जब परिजनों की नींद खुली तो घर के दूसरे हिस्से में चापाकल के पास खून के धब्बे और पैरों के निशान दिखाई दिए। यह नजारा देखकर परिवार के लोग घबरा गए। उन्हें लगा कि किशोरी के साथ कोई बड़ी अनहोनी हो गई है।
घटना की खबर गांव में फैलते ही इलाके में हड़कंप मच गया। परिजनों ने तुरंत इंद्रपुरी थाना पहुंचकर अपहरण और अनहोनी की आशंका जताते हुए मामला दर्ज कराया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए एफएसएल टीम, डॉग स्क्वॉड और तकनीकी जांच टीम को भी लगाया गया।
शुरुआत में मामला हत्या या अपहरण का लग रहा था, लेकिन पुलिस को घटनास्थल से कुछ बातें संदिग्ध लगीं। इसके बाद पुलिस ने मोबाइल लोकेशन और कॉल डिटेल के जरिए जांच आगे बढ़ाई। जांच के दौरान पता चला कि किशोरी पिछले कई वर्षों से एक युवक के संपर्क में थी।
पुलिस की जांच धीरे-धीरे महाराष्ट्र तक पहुंच गई। आखिरकार गुप्त सूचना और तकनीकी मदद के आधार पर पुलिस ने महाराष्ट्र के ठाणे जिले के भिवंडी शहर से किशोरी को बरामद कर लिया। उसके साथ मौजूद युवक मयंक कुमार को भी गिरफ्तार किया गया। आरोपी युवक बिहार के बांका जिले के अकोढ़ीगोला थाना क्षेत्र का रहने वाला बताया जा रहा है।
पुलिस पूछताछ में दोनों ने जो कहानी बताई, उसे सुनकर हर कोई हैरान रह गया। दोनों पिछले करीब पांच साल से एक-दूसरे से प्रेम करते थे और शादी करना चाहते थे। लेकिन परिवार वालों के डर से उन्होंने भागने की योजना बनाई। पुलिस और परिवार को गुमराह करने के लिए दोनों ने मिलकर ‘हत्या’ का पूरा नाटक रचा।
बताया गया कि किशोरी ने घर से निकलने से पहले एक जिंदा मुर्गा काटा। फिर उसके खून को अपने हाथ और पैरों में लगाया और घर के अंदर तथा बाहर पैरों के निशान बनाए, ताकि लोगों को लगे कि उसकी हत्या कर दी गई है। इसके बाद वह रात में ही प्रेमी के साथ फरार हो गई।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, दोनों की योजना थी कि परिवार वाले हत्या की आशंका में उलझे रहेंगे और उनकी तलाश सही दिशा में नहीं हो पाएगी। लेकिन पुलिस ने वैज्ञानिक तरीके से जांच करते हुए पूरे मामले का खुलासा कर दिया।
इंद्रपुरी थाना परिसर में आयोजित प्रेस वार्ता में अपर पुलिस अधीक्षक अतुलेश झा ने बताया कि पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए लगातार जांच की। तकनीकी साक्ष्य और मोबाइल लोकेशन के आधार पर दोनों तक पहुंचा गया। उन्होंने कहा कि आरोपी युवक भिवंडी में गाड़ी चलाने का काम करता है और वहीं दोनों छिपकर रह रहे थे।
पुलिस ने दोनों को महाराष्ट्र से ट्रांजिट रिमांड पर बिहार लाकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। किशोरी से भी पूछताछ की जा रही है। वहीं इस घटना के सामने आने के बाद गांव के लोग भी हैरान हैं कि आखिर एक किशोरी ने घरवालों को धोखा देने के लिए इतना बड़ा कदम कैसे उठा लिया।