Bihar Police: मोतिहारी जिले में हुए चर्चित तुरकौलिया जहरीली शराब कांड में पुलिस ने एक और बड़ी कार्रवाई की है। इस मामले में फरार चल रहे दो स्प्रिट सप्लायरों के खिलाफ अदालत के आदेश पर उनके घरों की कुर्की कर दी गई है। दोनों आरोपी उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के नहोरा डेरावा गांव के रहने वाले हैं और सगे भाई बताए जा रहे हैं। इनकी पहचान चंदन कुमार और सूरज कुमार के रूप में हुई है। दोनों ललन सिंह उर्फ शीतला प्रसाद सिंह के बेटे हैं।


पुलिस के अनुसार, ये दोनों भाई लंबे समय से अवैध शराब बनाने वालों को स्प्रिट सप्लाई करते थे। इस स्प्रिट का इस्तेमाल जहरीली शराब बनाने में किया जाता था, जो लोगों की जान के लिए बहुत खतरनाक साबित होती है। पुलिस का कहना है कि इनकी सप्लाई की वजह से ही यह बड़ा हादसा हुआ, जिसमें कई लोगों की जान चली गई।


इस मामले में पुलिस ने पहले ही दोनों आरोपियों के घर पर नोटिस चिपका दिया था। इसमें कहा गया था कि वे कोर्ट में हाजिर हों और जांच में सहयोग करें। लेकिन इसके बावजूद दोनों आरोपी न तो कोर्ट में आए और न ही पुलिस के सामने पेश हुए। लगातार फरार रहने के बाद अदालत ने उनकी संपत्ति कुर्क करने का आदेश दिया।


इसके बाद मोतिहारी पुलिस की टीम उत्तर प्रदेश पहुंची और जौनपुर जिले में उनके आलीशान मकानों पर कुर्की की कार्रवाई की गई। इस दौरान पुलिस टीम में प्रशिक्षु डीएसपी ऋषभ कुमार, इंस्पेक्टर धर्मवीर भारती और अन्य पुलिसकर्मी मौजूद थे। पुलिस ने घरों पर नोटिस चिपकाकर और कानूनी प्रक्रिया पूरी कर संपत्ति को कब्जे में लिया।


एसपी स्वर्ण प्रभात ने बताया कि दोनों आरोपियों को मोस्ट वांटेड घोषित कर दिया गया है। उनकी गिरफ्तारी के लिए 50-50 हजार रुपये का इनाम भी रखा गया है। उन्होंने साफ कहा कि इस मामले में जो भी लोग शामिल हैं, उन्हें किसी भी हालत में छोड़ा नहीं जाएगा। पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है और फरार आरोपियों की तलाश जारी है।


पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि ये दोनों भाई बड़े पैमाने पर स्प्रिट की सप्लाई करते थे। यह स्प्रिट अवैध शराब बनाने वाले माफियाओं को दी जाती थी, जो इसे मिलाकर जहरीली शराब तैयार करते थे और फिर उसे बाजार में बेचते थे। इसी वजह से कई लोगों की जान खतरे में पड़ी और बड़ा हादसा हुआ।


इस मामले में स्थानीय स्तर पर काम करने वाले कई शराब माफियाओं को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश के दो अन्य सप्लायरों समेत करीब एक दर्जन से ज्यादा लोगों को पकड़ा गया है और उन्हें जेल भेज दिया गया है।


गौर करने वाली बात यह है कि अप्रैल महीने में तुरकौलिया और रघुनाथपुर इलाके में जहरीली शराब पीने से करीब 10 लोगों की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद पूरे जिले में हड़कंप मच गया था। लोगों में डर और गुस्सा दोनों फैल गया था। प्रशासन पर भी सख्त कार्रवाई करने का दबाव बढ़ गया था।


इसके बाद पुलिस ने पूरे जिले में अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ बड़ा अभियान शुरू किया। लगातार छापेमारी की गई और कई जगहों से शराब बनाने का सामान और सप्लाई नेटवर्क पकड़ा गया। 

(मोतिहारी से सोहराब आलम की रिपोर्ट)