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मोतिहारी में स्कूल मरम्मत घोटाला: ..जरा एक-एक 'विद्यालय' की लिस्ट और राशि जान लें, सरकारी खजाने पर अफसरों का डाका, चवन्नी का काम नहीं और 1.5 करोड़ की हुई निकासी ?

मोतिहारी में जिला शिक्षा कार्यालय के अफसरों, ठेकेदारों और दलालों ने मिलकर करोड़ों रुपये डकार लिए। संग्रामपुर प्रखंड के 35 स्कूलों में मरम्मत के नाम पर लगभग 1.5 करोड़ रुपये की निकासी हुई, जबकि काम एक चवन्नी का भी नहीं हुआ।

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31-Aug-2025 02:37 PM

By Viveka Nand

Bihar News: मोतिहारी में जिला शिक्षा कार्यालय के अधिकारी-ठेकेदार और दलाल मिलकर करोड़ों रू पचा लिये. यूं कहें  सरकारी खजाने को लूट लिया. अब जबकि मामले का खुलासा हुआ है तब भी डीईओ कार्यालय के अफसर मामले को पचाने में जुटे हैं. अभी तक की जानकारी के अनुसार, पूर्वी चंपारण जिले के संग्रामपुर प्रखंड के 35 सरकारी विद्यालयों में स्कूल मरम्मति के नाम पर लगभग 2 करोड़ रू की निकासी की गई है, जबकि चवन्नी का काम नहीं हुआ है। 1ST BIHAR /JHARKHAND ने जब मामले का खुलासा किया तो आनन-फानन में 4-5 स्कूलों में रात के अंधेरे में सामान गिराकर मरम्मत करने की नौटंकी की जा रही है. जबकि बिना काम कराये जेई-एई और डीपीओ ने बिल पास कर दिया और राशि की निकासी भी हो गई। इस पूरे खेल में सर्व शिक्षा अभियान व स्थापना के डीपीओ से लेकर जेई-एई शामिल हैं.

पहले करोड़ों की निकासी अब 4-5 स्कूलों में जांच के नाम पर खानापूर्ति का खेल  

पूर्वी चंपारण जिले के कई प्रखंडों के सरकारी विद्यालय में बिना मरम्मति के ही राशि निकासी कर ली गई है. संग्रामपुर प्रखंड की पूरी कुंडली सामने आई है. हालांकि सिर्फ संग्रामपुर ही नहीं, आने वाले 102 दिनों में मोतिहारी सदर प्रखंड के एक प्रखंड की पोल खुलेगी. बताया जाता है कि इस प्रखंड के सरकारी विद्यालयों में भी बिना काम कराये ही राशि की निकासी हो गई है.  खैर..आज हम संग्रामपुर प्रखंड वो सभी स्कूल जहां कागज पर काम कराकर बिल बनाया गया, उसकी जानकारी साझा कर रहे हैं. कौन-कौन स्कूलों मेंं काम के बदले कितने लाख का बिल बनाया गया. इसकी जानकारी दे रहे हैं. 

संग्रामपुर प्रखंड के इन तीन दर्जन विद्यालयों में बिना काम बना बिल...कागज पर ही हो गया काम

संग्रामपुर प्रखंड के इन विद्यालयों में कथित मरम्मति के नाम पर भुगतान के लिए भेजी गई सूची इस प्रकार है.एनपीएस मठिया तेलिया टोला-2.65 लाख. यूएमएस जलहां- 4.85लाख.यूएमएस मतला राम- 4.85 लख रू, इसके अलावे यूएमएस इन्द्रगाछी 4.85 लाख रू. जीपीएस दुसाध टोली 4 लाख 89 हजार 614 रू. मध्य विद्यालय बरियरिया-8.89 लाख.यूएमएस राजपुर 4,89,614 रू, जीएमएस मंगलापुर 4,89,614 रू. एनपीएस नोनिया टोला 4,89,614 रू. एनपीएस मठिया नलकूप 4,89,614 रू, जीएमएस संबलपुर 4,89,614 रू. जीपीएस उर्दू कन्या 4,89,614, जीपीएस डुमरिया-4.89 लाख रू.जीपीएस सिकंदरपुर 4,89,614, एनपीएस पकड़ी कल्याणी 4,89,614,एनपीएस नरुलहा डीह 4,89,614,यूएमएस राजपुर टोला 4,89,614,जीपीएस चर पीपरा 4,87000, यूएमएस छपरा मतवाराम-4,89,614 रू.

लगभग प्रत्येक स्कूल में 5 लाख का कागज पर ही बना बिल

वहीं, जीपीएस मलाही टोला 4,89,614, एनपीएस-पुछरिया मलाही टोला- 4.84 लाख रू. जीपीमएस मुरला- 4,89,614,एनपीएस कोइरिया टोला 4,89,614,जीपीएस चांदपुर- 4.89 लाख रू, भवानीपुर कन्या 4,89,614,एनपीएस वृता मठिया 4,89,614,जीएमएस ठिकहा 4,89,614,एनपीएस सिकंदरपुर 4,89,614,जीपीएस बक्सा 4,89,614,यूएमएस भाटकन्काया-4,89,614,जीपीएस नंदपुर 4,88000,एनपीएस जलहां 4,88000, एनपीएस बाडीडीह 4,89614यूएमएस नौतन 4,89614,जीएमएस कुकुट राय मठिया 4,89614,जीएमएस सबलपुर 4,89614,जीपीएस पछभीड़वा- 4,89614,जीपीएस जलहा मठिया-4,89614,यूएमएस मिश्रग्राम 4,89614,यूएमएस इन्द्रगाछी-4,89614 का बिल भुगतान के लिए भेजा गया .

करोड़ों की निकासी में ठेकेदार-इंजीनियर और अधिकारी हैं शामिल

पूर्वी चंपारण के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी(स्थापना) ने 260 स्कूलों की एक लिस्ट तैयार की. यह लिस्ट जिला शिक्षा पदाधिकारी के पत्र के आलोक में तैयार कर BSEIDC के उप प्रबंधक तकनीकी पूर्वी चंपारण को भेजी गई। लिस्ट में राशि भुगतान को लेकर विद्यालय की सूची संलग्न की गई थी. जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी स्थापना ने 12 अप्रैल 2025 को उप प्रबंधक तकनीकी बीएसईडीसी को पत्र लिखा था. जिसमें कहा था कि जिला शिक्षा पदाधिकारी ने 10 अप्रैल 2025 को असैनिक योजनाओं से संबंधित सूची उपलब्ध कराने का कहा था. इस आलोक में वित्तीय वर्ष 2024- 25 के वैसे सभी असैनिक योजना का भुगतान किया जाना है. इस संबंध में क्रमांक 1 से 260 तक एजेंसी वार सूची संलग्न कर भेजी जा रही है. जिला कार्यक्रम पदाधिकारी ने वैसे सरकारी स्कूल जहां मरम्मति के काम हुए थे, से संबंधित विपत्र जिनका भुगतान 25 मार्च 2025 के बाद नहीं हो सका था, उसकी सूची भेजी थी. जिन 260 स्कूलों की सूची जहां काम के बदले भुगतान करना था, उनमें अधिकांश केसरिया, तुरकौलिया, बंजरिया, अरेराज, कल्याणपुर, प्रखंड़ों के थे. कुल 11 करोड़ 41 लाख 32 हजार 321 रू का विपत्र भेजा गया था. अब यह बात सामने आई है कि सरकारी स्कूलों में मरम्मति के नाम पर चवन्नी का भी काम नहीं हुआ और करोड़ों का भुगतान हो गया. 

हेडमास्टरों ने खोली भ्रष्टाचार की पोल

मोतिहारी के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी(स्थापना) ने 12 अप्रैल को 260 स्कूलों में काम किए एजेंसी को भुगतान की लिस्ट BSEIDC के उप प्रबंधक तकनीकी पूर्वी चंपारण को भेजी. प्रति विद्यालय में 5 लाख से कम का बिल स्वीकार कर भेजा गया. यह काम जिला कार्यक्रम पदाधिकारी(स्थापना) ने किया. इसके लिए 11 करोड़ 41 लाख 32 हजार रू का भुगतान करना था.  जिला शिक्षा कार्यालय मोतिहारी के अधिकारियों के भ्रष्टाचार की पोल उन विद्यालय के प्रधानाध्यापकों ने ही खोली. जब उनसे पूछा गया कि, आपके यहां स्कूल की मरम्मति हुई है...ठेकेदार ने काम किया है ?यह सवाल सुनकर हेडमास्टर भौंचक रह गए।

 संग्रामपुर प्रखंड के लगभग 3 दर्जन विद्यालयों में ##### हार्डवेयर नाम की एजेंसी ने कागज पर काम किया. प्रति विद्यालय 5 लाख से कम का बिल लगाया गया. जिला कार्यक्रम पदाधिकारी(स्थापना) ने बिल स्वीकार कर भुगतान के लिए भेजा. काम के बदले बिल का भुगतान करना गुनाह नहीं. गुनाह तब है जब काम कागज पर ही हो जाय, जिस संस्थान में काम हुआ, उसके प्रधान को पता ही नहीं. ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है. मोतिहारी के सरकारी स्कूलों में ऐसा ही हुआ है. काम कागज पर हुआ और राशि सरकारी खजाने से निकाली जा रही . पूरी पोल-पट्टी सरकारी स्कूल प्रधानाध्यापक ही खोल रहे हैं. जिस विद्यालय में काम दिखाया जा रहा है, वहां किसी तरह का सिविल वर्क हुआ ही नहीं. G.M.S. के प्रधानाध्यापक रमेश तिवारी से पूछा गया कि आपके स्कूल में लगभग 4 लाथ 90 हजार राशि से मरम्मति का काम हुआ है ? इस पर उन्होंने आश्चर्य जताया और कहा कि किसी तरह का कोई काम नहीं हुआ है. उत्क्रमित मध्य विद्यालय राजपुर के प्रधान शिक्षक और राजपुर टोला के प्रधानाध्यापक संजय कुमार ने भी यही बातें कहीं. जीपीएस सिकंदरपुर खैराचक के प्रधानाध्यापक बलराम प्रसाद ने कहा कि उन्हें किसी तरह के काम होने की जानकारी भी नहीं है. 

स्कूल के हेडमास्टर ही सरकारी खजाने में हुई लुट की खोल रहे पोल 

खबर के बाद पूर्वी चंपारण जिले के कई विद्यालयों में रातो रात सामान गिर गया है. संवेदक पत्थऱ और बालू गिराकर काम कराने की खानापूर्ति कर रहा है. हेडमास्टर सुबह स्कूल आ रहे तो पता चल रहा कि उनके यहां भी सामान गिरा है, पूछने पर पता चल रहा कि आपके विद्यालय की मरम्मति करानी है. जबकि, उन स्कूलों में मरम्मति के नाम पर काफी पहले ही पैसे की निकासी हो गई है. पूर्वी चंपारण जिले के संग्रामपुर प्रखंड के U M S इन्द्रगाछी के एचएम ने बताया कि खबर चलने के बाद समान गिराया गया है. U M S मुरली  संग्रामपुर के एचएम  ने बताया कि स्कूल में कोई काम नही किया गया है. G P S नंदपुर संग्रामपुर के एचएम पारस ठाकुर ने बताया कि पहले कुछ पता नही था, कल समान गिराया गया है। G P S पचभिरवा के एचएम में बताया कि स्कूल में कोई काम नही हुआ है. UMS मतवाराम और बथानी टोला,  भवानीपुर संग्रामपुर में भी बुधवार को सामान गिराया गया है. सभी खेल का मास्टर माइंड कस्तूरबा में पोस्टेड एक डाटा ठपरेटर बताया जा रहा है.