Bihar Police News: मोतिहारी में ड्यूटी के दौरान बरामद रकम में हेराफेरी के मामले में चार पुलिसकर्मियों पर बड़ी कार्रवाई हुई है. विभागीय जांच में कर्तव्य के प्रति लापरवाही और मनमानेपन का दोषी पाए जाने के बाद चारों सिपाहियों को तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है. बर्खास्त किए गए पुलिसकर्मियों में सिपाही संतोष कुमार, गौतम कुमार यादव, कृष्ण कुमार और ओमप्रकाश शामिल हैं.


मामला गोविंदगंज थाना क्षेत्र के रढ़िया गांव में हुई जालसाजी और ठगी की घटना से जुड़ा है. इस मामले में जौनपुर, उत्तर प्रदेश के रहने वाले मोहनजी गुप्ता से 7 से 9 अपराधियों द्वारा 19 लाख रुपये, दो मोबाइल और एक सोने की चेन छीन लिए जाने की शिकायत दर्ज कराई गई थी. मामले में गोविंदगंज थाना कांड संख्या 280/2025 दर्ज किया गया था.


बरामदगी के लिए बनाई गई थी पुलिस टीम

लूटे गए सामान की बरामदगी और आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए वरीय अधिकारियों के निर्देश पर छापामारी दल का गठन किया गया था. इसी टीम ने 21 नवंबर 2025 की रात प्राथमिकी अभियुक्त चंदन सिंह के घर पर छापेमारी की.


छापेमारी के दौरान पुलिस को 4.15 लाख रुपये नकद, 10 सोने जैसे बिस्कुट और एक सोने जैसी चेन बरामद हुई. आरोप है कि छापामारी दल में शामिल सिपाही संतोष कुमार, गौतम कुमार यादव, कृष्ण कुमार और ओमप्रकाश ने मौके का फायदा उठाकर बरामद बैग से कुछ रुपये निकाल लिए और उन्हें छिपा दिया.


पूछताछ में सामने आई 3 लाख रुपये की बात

मामले की जानकारी मिलने के बाद चारों सिपाहियों से पूछताछ की गई. पूछताछ के दौरान उन्होंने 3 लाख रुपये हटाकर गाड़ी में छिपाने की बात बताई. इसके बाद यह रकम बरामद कर ली गई.


बरामद 3 लाख रुपये को विधिवत जब्त किया गया. गोविंदगंज थानाध्यक्ष राजकुमार मिश्रा के आवेदन के आधार पर इस मामले में साहेबगंज थाना, मुजफ्फरपुर में कांड संख्या 691/2025 दर्ज किया गया. चारों सिपाहियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया.


विभागीय जांच में भी दोषी पाए गए

घटना की गंभीरता को देखते हुए चारों सिपाहियों को निलंबित कर उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू की गई थी. उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया, लेकिन विभाग ने उनके जवाब को असंतोषजनक पाया.


इसके बाद अपर पुलिस अधीक्षक, साइबर क्राइम, पूर्वी चंपारण, मोतिहारी प्रितीश कुमार को जांच प्राधिकारी और पुलिस अवर निरीक्षक सौरभ कुमार आजाद को प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी नियुक्त किया गया. विभागीय जांच के दौरान उपलब्ध साक्ष्यों और अभिलेखों की जांच की गई.


जांच रिपोर्ट में चारों सिपाहियों को कर्तव्य के प्रति लापरवाही और मनमानेपन के लिए पूर्ण रूप से दोषी पाया गया. विभागीय जांच में उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों की पुष्टि होने के बाद सेवा से बर्खास्तगी की कार्रवाई की गई.


पुलिस छवि प्रभावित करने का भी उल्लेख

विभागीय आदेश में कहा गया कि चारों सिपाहियों के खिलाफ लगाए गए आरोप भ्रष्ट आचरण और नैतिक अक्षमता को दर्शाते हैं. उनके कृत्य से पुलिस की छवि प्रभावित हुई और सरकारी सेवक आचार नियमों तथा पुलिस से जुड़े नियमों का उल्लंघन हुआ.


जांच रिपोर्ट के आधार पर सिपाही संतोष कुमार, गौतम कुमार यादव, कृष्ण कुमार और ओमप्रकाश को दोषी मानते हुए बिहार सरकारी सेवक वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील नियमावली और पुलिस हस्तक में दिए गए प्रावधानों के तहत तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है.