Bihar News : मोतिहारी जिले में पुलिस की वर्दी की आड़ में अवैध वसूली करने वाले दो सिपाहियों पर आखिरकार कार्रवाई हो गई। First Bihar की खबर का असर सामने आया है। रघुनाथपुर थाना क्षेत्र के मजुराहा गांव में ग्रामीणों द्वारा पकड़े गए नगर थाना के दो सिपाहियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। दोनों पर पुलिस का भय दिखाकर अवैध रूप से पैसे वसूलने का आरोप लगा था। जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद दोनों के खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया गया।

मामला रघुनाथपुर थाना क्षेत्र के मजुराहा गांव का है, जहां नगर थाना में तैनात सिपाही रजनीश और आशीष कथित तौर पर ड्यूटी क्षेत्र से बाहर जाकर वाहन जांच के नाम पर लोगों से पैसे की वसूली कर रहे थे। ग्रामीणों के मुताबिक दोनों सिपाही अक्सर अपनी बाइक फायरिंग रेंज के आसपास खड़ी करते थे और वहां आने-जाने वाले लोगों को रोककर जांच के नाम पर पैसे लेते थे।

सिविल ड्रेस में पहुंचे थे दोनों सिपाही

बताया जा रहा है कि घटना वाली रात दोनों सिपाही वर्दी में नहीं बल्कि सिविल ड्रेस में थे। दोनों एक पान दुकानदार को कथित तौर पर धमका रहे थे और उससे पैसे की मांग कर रहे थे। इस दौरान आसपास मौजूद ग्रामीणों को दोनों की गतिविधियां संदिग्ध लगीं।

ग्रामीणों को शक इसलिए भी हुआ क्योंकि दोनों खुद को एसपी की एसआईटी टीम का सदस्य बता रहे थे। ग्रामीणों ने जब उनसे पूछताछ की तो मामला और संदिग्ध लगने लगा। इसके बाद मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई और ग्रामीणों ने दोनों को पकड़ लिया।

ग्रामीणों ने तत्काल इसकी सूचना रघुनाथपुर थाना पुलिस को दी। सूचना मिलने के बाद रघुनाथपुर थाना और नगर थाना की पुलिस मौके पर पहुंची। पूछताछ और जांच के बाद यह सामने आया कि दोनों वास्तव में नगर थाना में तैनात सिपाही हैं।

वार्ड पार्षद पति से भी वसूली का आरोप

इस मामले में एक और गंभीर आरोप सामने आया है। बताया गया कि दोनों सिपाही मजुराहा के वार्ड पार्षद पति राकेश सिंह से भी पांच हजार रुपये की वसूली कर चुके थे। ग्रामीणों का आरोप है कि दोनों पुलिस की पहचान और वर्दी का प्रभाव दिखाकर लोगों पर दबाव बनाते थे। घटना के बाद पुलिस विभाग में भी हड़कंप मच गया। सवाल उठने लगा कि आखिर नगर थाना में तैनात सिपाही अपने निर्धारित ड्यूटी क्षेत्र से बाहर जाकर किसके आदेश पर वाहन जांच कर रहे थे और लोगों से पैसे क्यों वसूल रहे थे।

जांच में आरोप सही मिलने के बाद बड़ी कार्रवाई

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच की। जांच के दौरान दोनों सिपाहियों पर लगाए गए आरोपों को सही पाया गया। इसके बाद दोनों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई और उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। सदर डीएसपी दिलीप कुमार सिंह ने कार्रवाई की पुष्टि करते हुए बताया कि दोनों सिपाहियों पर लगाए गए आरोप जांच में सत्य पाए गए हैं। इसके बाद दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया गया है।

पुलिस विभाग से जुड़े इस मामले में कार्रवाई के बाद अब यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या अन्य पुलिसकर्मियों की भूमिका की भी जांच होगी। खासकर ड्यूटी क्षेत्र से बाहर जाकर वाहन जांच करने और आम लोगों से पैसे वसूलने के आरोप को पुलिस महकमा कितनी गंभीरता से लेता है, इस पर भी लोगों की नजर है।

फिलहाल दोनों सिपाहियों को जेल भेजे जाने के बाद पुलिस महकमे में इस कार्रवाई को लेकर चर्चा तेज है। First Bihar की खबर के बाद हुई कार्रवाई ने यह साफ कर दिया है कि वर्दी की आड़ में पुलिस की छवि खराब करने वालों के खिलाफ विभाग सख्त कदम उठा सकता है।